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किसानों और गांव के लिए बड़ा बूस्टर: बजट में खेती, पशुपालन और रोजगार पर फोकस

किसानों और गांव के लिए बड़ा बूस्टर बजट में खेती, पशुपालन और रोजगार पर फोकस

हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अब गांव और किसान हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में यह साफ संदेश दिया कि यह बजट केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुआयामी तरीके से मजबूत करने की एक व्यापक रणनीति है। इस बार का बजट पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, ग्रामीण रोजगार और नई तकनीक को साथ लेकर चलने की पूरी तैयारी दिखाता है।

सरकार का मुख्य फोकस छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाना है। ऐसे किसान जिनकी जमीन कम है और आमदनी सीमित रहती है, उन्हें केवल एक फसल पर निर्भर न रहना पड़े। अब कोशिश यह है कि खेती के साथ-साथ किसान डेयरी, मछली पालन, बागवानी और अन्य सहायक गतिविधियों से भी कमाई कर सकें। इससे किसानों की जोखिम कम होगी और उनकी कुल आमदनी में बढ़ोतरी होगी।

सहायक क्षेत्रों और ग्रामीण रोजगार पर विशेष जोर:

मत्स्य पालन को बढ़ावा: मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 500 जलाशयों और ‘अमृत सरोवरों’ को विकसित किया जाएगा, जहां आधुनिक तरीके से मछली पालन हो सकेगा। इससे गांव के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। तटीय इलाकों में फिशरीज वैल्यू चेन (कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और निर्यात) को मजबूत किया जाएगा।

पशुपालन और लोन: पशुपालन के लिए लोन आधारित सब्सिडी योजना लाई जाएगी, जिससे डेयरी, बकरी पालन और पोल्ट्री जैसे व्यवसाय आगे बढ़ेंगे। छोटे पशुपालकों को बेहतर नस्ल, तकनीक और पशु स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण और बाजार: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और ग्रामीण स्टार्टअप्स को सीधे बाजार से जोड़ने पर खास जोर दिया गया है। महिलाएं अब सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बिक्री में भी आगे आएंगी, जिससे गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उच्च-मूल्य वाली फसलें: नारियल, काजू, कोको और चंदन जैसी फसलों के उत्पादन को विशेष मदद दी जाएगी। चंदन और पहाड़ी इलाकों के लिए अखरोट व बादाम की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जो किसानों को लंबे समय तक मजबूत आय का साधन प्रदान कर सकता है।

खेती में डिजिटल क्रांति:

खेती को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ‘भारत विस्तार’ नाम का एक AI टूल लाया जाएगा, जो किसानों को मौसम, फसल, कीट और बाजार भाव की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा। किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों को सही दाम और बेहतर बाजार मिल सके।

कुल मिलाकर, यह बजट गांव, किसान और ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने की एक बहुआयामी रणनीति है। अगर ये योजनाएं सही तरीके से जमीन पर उतरीं, तो यह ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और देश की समग्र प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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