दिल्ली की दमघोंटू हवा पर अब सियासत का धुआं छा गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली की आबोहवा को ‘गैस चेंबर’ बताकर आम आदमी पार्टी पर करारा हमला किया, जिसका पलटवार AAP सांसद संजय सिंह ने तुरंत कर दिया। प्रदूषण के इस गंभीर मुद्दे ने अब दिल्ली की सत्ता के गणित को भी उलझा दिया है।
हाल ही में गोरखपुर में 2.47 करोड़ की लागत से बने ‘कल्याण मंडपम’ के लोकार्पण के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के निशाने पर सीधे देश की राजधानी दिल्ली थी। सीएम योगी ने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर सीधे तौर पर हमला करते हुए कहा कि दिल्ली की हवा अब सांस लेने लायक नहीं बची है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “आप दिल्ली की हवा में सांस नहीं ले पाएंगे, आंखों में जलन होगी। वहां डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर न निकलें। क्या यही जिंदगी है? हम खुशकिस्मत हैं कि गोरखपुर में विकास भी है और शुद्ध वातावरण भी।”
सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और सांसद संजय सिंह ने मोर्चा संभाल लिया। संजय सिंह ने योगी के बयान का वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा। उन्होंने चुटकी लेते हुए लिखा, “लग रहा है आदित्यनाथ जी भूल गए कि दिल्ली में बीजेपी की ही सरकार है (एलजी और एमसीडी प्रशासन के संदर्भ में)। क्या इन्होंने जानबूझकर मोदी जी और रेखा गुप्ता को एक्सपोज़ करने के लिए ये बयान दिया है?”
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार 400 के पार बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। एक तरफ जहां योगी आदित्यनाथ इस स्थिति को पर्यावरण से छेड़छाड़ का नतीजा बताकर गोरखपुर से तुलना कर रहे हैं, वहीं संजय सिंह इसे भाजपा शासित एलजी प्रशासन और नगर निगम की विफलता बताकर, योगी के बयान को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के खिलाफ मोड़ रहे हैं। यह राजनीतिक बयानबाजी प्रदूषण के मुद्दे को सिर्फ पर्यावरण तक सीमित न रखकर, सीधे सत्ता के संघर्ष से जोड़ रही है।
यह ताजा जुबानी जंग दर्शाती है कि आने वाले समय में प्रदूषण का मुद्दा केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि दिल्ली की राजनीतिक बिसात पर वोटों की गिनती को भी प्रभावित करेगा।









