ई-चालान समय पर न भरने पर वर्चुअल कोर्ट का खतरा, दिल्ली में 45 दिन में भुगतान जरूरी।
अगर आपका ट्रैफिक ई-चालान कट गया है, तो उसे समय रहते जमा करना बेहद जरूरी है। अब चालान को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। तय समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने पर मामला वर्चुअल कोर्ट या अदालत तक पहुंच सकता है, जहां अतिरिक्त जुर्माना भी लग सकता है।
देश में अब ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। अक्सर लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं और पुलिस को देखकर रास्ता बदल लेते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब ऐसा करना आसान नहीं होगा। सड़कों पर लगाए गए AI आधारित स्मार्ट कैमरे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होते ही वाहन की पहचान कर तुरंत ऑनलाइन ई-चालान जारी कर देते हैं।
समय पर चालान भरना क्यों जरूरी?
अगर आप निर्धारित समय के भीतर ई-चालान का भुगतान नहीं करते हैं, तो ट्रैफिक विभाग इसे आपकी लापरवाही मानता है। इसके बाद मामला ऑनलाइन पोर्टल से हटाकर वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा सकता है। वहां अदालत तय करती है कि मूल जुर्माने के अलावा अतिरिक्त राशि देनी होगी या नहीं। साथ ही कोर्ट का समन भी जारी हो सकता है, जिसके बाद आपको कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
कितने दिनों में भरना होगा ई-चालान?
अधिकांश राज्यों में ई-चालान का भुगतान करने के लिए 60 दिनों का समय दिया जाता है। वहीं, दिल्ली में अब 45 दिनों के भीतर चालान जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। तय समय सीमा के बाद मामला कोर्ट में जा सकता है।
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AI कैमरों से बचना अब मुश्किल
पहले ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी देखकर लोग रास्ता बदल लेते थे या नियमों का उल्लंघन करके बच निकलते थे। अब शहरों की सड़कों पर लगे हाई-टेक AI कैमरे हर समय निगरानी कर रहे हैं। रेड लाइट जंप करना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग और अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होते ही सिस्टम स्वतः ई-चालान जारी कर देता है।
लापरवाही पड़ सकती है महंगी
यदि आपका ई-चालान कटता है, तो उसे समय पर जमा करना ही समझदारी है। भुगतान में देरी करने पर न केवल अतिरिक्त जुर्माना लग सकता है, बल्कि कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन करें और ई-चालान मिलने पर तय समय सीमा के भीतर उसका भुगतान जरूर करें।
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