गाजियाबाद में संपत्ति विवाद के चलते बेटे ने की पिता हत्या की, आरोपी फरार और पुलिस जुटी तलाश में।
गाजियाबाद: मोदीनगर के बुदाना गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक बेटे ने कथित तौर पर जमीन अपने नाम कराने के विवाद में अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे। गंभीर रूप से घायल हरिओम चौधरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी बेटा पिस्टल लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
जमीन अपने नाम कराने को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस के अनुसार, बुदाना गांव निवासी हरिओम चौधरी क्षेत्र के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। उनके नाम करीब 75 बीघा कृषि भूमि और दिल्ली-मेरठ रोड स्थित जीवन अस्पताल के सामने एक व्यावसायिक मार्केट है। परिवार में पत्नी अनिता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बड़ा बेटा निखिल काफी समय से पिता पर शेष संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रहा था। पुलिस का कहना है कि हरिओम पहले ही उसे 25 बीघा जमीन और मार्केट की कुछ दुकानें दे चुके थे, लेकिन वह बाकी संपत्ति भी अपने नाम कराना चाहता था। इसी बात को लेकर लंबे समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
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शराब के नशे में घर पहुंचा, फिर बरसा दी गोलियां
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद घर में मौजूद थे। देर रात करीब 12 बजे निखिल कथित तौर पर शराब के नशे में घर पहुंचा। पिता ने उसके शराब पीने पर नाराजगी जताई, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि निखिल ने पिस्टल निकालकर पिता पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चार राउंड फायर किए। गोलियां हरिओम चौधरी के चेहरे, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में लगीं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
150 करोड़ की संपत्ति को लेकर हत्या की आशंका
जांच में सामने आया है कि हरिओम चौधरी की कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 150 करोड़ रुपये है। पुलिस का मानना है कि संपत्ति विवाद ही हत्या की मुख्य वजह हो सकता है। साथ ही यह भी पता चला है कि आरोपी निखिल शराब पीने का आदी था और इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था।
पहले भी छोटे भाई पर कर चुका था फायरिंग
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2018 में निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी गोली चला दी थी, जिसमें वह घायल हो गया था। पुलिस अब उस पुराने मामले का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। इसके अलावा वारदात से पहले आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसने कहां शराब पी थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
हत्या का केस दर्ज, चार टीमें आरोपी की तलाश में
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।


