UP Politics: उत्तर प्रदेश के इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। एक कार्यक्रम के दौरान सपा प्रमुख ने दावा किया कि बीजेपी का समय अब खत्म हो चुका है और जनता बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने महंगाई, किसानों और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा। साथ ही जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर भी बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए।
‘चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी का समय खत्म’
इटावा में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे बीजेपी के खिलाफ जनता का माहौल बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब बीजेपी का समय खत्म हो गया है और जनता बदलाव चाहती है।
सपा अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या चुनाव नजदीक आने के साथ चंदे की वसूली के लिए महंगाई बढ़ाई जा रही है।
JPNIC को लेकर सरकार पर लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के मुद्दे को भी अपने संबोधन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने JPNIC को बेच दिया है।
सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग जेपीनिक जैसी धरोहर को बेच सकते हैं, उनसे जनता की भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने इस मुद्दे को सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
किसानों के मुद्दे पर भी घेरा
अखिलेश यादव ने किसानों की स्थिति को लेकर भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन में अन्नदाता सबसे ज्यादा संकट में है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग किसानों के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और दावा किया कि प्रदेश का किसान मौजूदा व्यवस्था से परेशान है।
‘अब पूरी बोरी ही चोरी हो रही’
खाद वितरण और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले यूरिया की बोरियों में वजन की चोरी या हेराफेरी की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब स्थिति इससे भी आगे बढ़ गई है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘अब पूरी की पूरी बोरी ही चोरी हो रही है।’ उनके इस बयान के बाद बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर उनके हमले की चर्चा तेज हो गई है।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का इटावा में दिया गया बयान सियासी तौर पर अहम माना जा रहा है।
महंगाई, किसान, भ्रष्टाचार और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं बीजेपी भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देती रही है।
इटावा में अखिलेश यादव के ताजा बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत हैं। अब देखना होगा कि 2027 के चुनावी मैदान में ये मुद्दे जनता के बीच कितना असर डालते हैं।