ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास 25 जुलाई की शाम हुए दर्दनाक हादसे में 6 वर्षीय मासूम अव्यान की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही ठेकेदार समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्राधिकरण ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया है।
बारिश के पानी से भरे 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरा बच्चा
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव का 6 वर्षीय बेटा अव्यान शनिवार शाम अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह प्राधिकरण की ओर से बोरिंग के लिए खोदे गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया, जो बारिश के पानी से भरा हुआ था। अचानक उसका पैर फिसला और वह गड्ढे में गिर गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद लोगों में आक्रोश
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम आशुतोष मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने खुले गड्ढों की तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ठेकेदार समेत तीन लोगों पर FIR
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नॉलेज पार्क थाने में ठेकेदार मनोज जैन, जूनियर सुपरवाइजर और टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्राधिकरण ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात भी कही है।
प्राधिकरण ने ठेकेदार की लापरवाही मानी
प्राधिकरण के अनुसार, बिना अनुमति बोरवेल की लोकेशन बदल दी गई थी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यदि गड्ढे के आसपास उचित सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई होती, तो इस दर्दनाक घटना को रोका जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने बताया कैसे हुआ रेस्क्यू
सोसायटी निवासी प्रांजल के मुताबिक, शाम करीब 6:30 बजे एक बच्चे ने अव्यान के गड्ढे में गिरने की सूचना दी। इसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। तीन लोग गड्ढे में उतरे और बच्चे को बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।