इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को होंगे संसदीय चुनाव, 50 साल में पहली बार कोई सरकार पूरा कार्यकाल करेगी।
इजरायल में अगले संसदीय चुनाव 27 अक्टूबर 2026 को कराए जाएंगे. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है. इस घोषणा के साथ ही मौजूदा गठबंधन सरकार देश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज करने जा रही है. यह सरकार अपना चार साल का पूरा कार्यकाल पूरा करेगी, जो इजरायल की राजनीति में बेहद दुर्लभ माना जाता है.
50 साल बाद कोई सरकार पूरा करेगी कार्यकाल
मौजूदा सरकार का कार्यकाल 17 जुलाई 2026 को पूरा हो रहा है. इसके साथ ही लगभग 50 वर्षों बाद इजरायल में कोई सरकार अपना पूरा संवैधानिक कार्यकाल पूरा करेगी. वहीं, करीब 40 साल बाद ऐसा पहली बार होगा जब संसदीय चुनाव तय समय पर आयोजित किए जाएंगे. इससे पहले राजनीतिक अस्थिरता, गठबंधन टूटने और समय से पहले संसद भंग होने के कारण अधिकांश चुनाव समय से पहले कराए जाते रहे हैं.
नैसेट को भंग नहीं किया जाएगा
रविवार को नैसेट हाउस कमेटी के अध्यक्ष और लिकुड पार्टी के सांसद ओफिर काट्ज ने चुनाव की तारीख की घोषणा की. उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार चुनाव 27 अक्टूबर 2026 को ही होंगे. नैसेट की कानूनी सलाहकार सगित अफिक ने भी स्पष्ट किया कि वर्तमान संसद अपना कार्यकाल पूरा करेगी और उसे समय से पहले भंग नहीं किया जाएगा. इसलिए समय पूर्व चुनाव कराने के लिए किसी विशेष विधेयक की आवश्यकता नहीं होगी.
नेतन्याहू फिर चुनावी मैदान में उतरेंगे
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह आगामी चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने संकेत दिया है कि उनकी कोशिश एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने की होगी, जो केवल दक्षिणपंथी दलों तक सीमित न रहे और न ही ऐसी सरकार हो जो छोटे सहयोगी दलों पर अत्यधिक निर्भर हो. चुनाव अभियान में नेतन्याहू की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा, ईरान, हिजबुल्लाह और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को बनाए रखने की रहने की संभावना है. उनका मानना है कि हाल के सैन्य अभियानों और सुरक्षा नीतियों को जनता के सामने प्रमुख उपलब्धि के रूप में रखा जाएगा.
गादी आइजनकोट बन सकते हैं सबसे बड़ी चुनौती
नेतन्याहू के सामने सबसे मजबूत चुनौती पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट से मिलने की संभावना जताई जा रही है. हालिया जनमत सर्वेक्षणों में उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. गादी आइजनकोट की पहचान एक अनुभवी सैन्य अधिकारी के रूप में है. गाजा युद्ध के दौरान अपने बेटे को खोने के बाद उनकी सार्वजनिक छवि और मजबूत हुई है. सुरक्षा मामलों की समझ और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व उन्हें नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित कर रहे हैं.
क्यों अहम होगा 2026 का चुनाव?
इजरायल इस समय सुरक्षा चुनौतियों, क्षेत्रीय संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय दबाव जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों का सामना कर रहा है. ऐसे माहौल में होने वाला यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि देश की भविष्य की सुरक्षा और विदेश नीति की दिशा तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है. एक ओर नेतन्याहू अपनी सरकार के पूरे कार्यकाल और सुरक्षा एजेंडे को जनता के सामने रखेंगे, तो दूसरी ओर विपक्ष महंगाई, युद्ध, गठबंधन की राजनीति और घरेलू मुद्दों को चुनावी हथियार बनाने की तैयारी में है. ऐसे में 27 अक्टूबर 2026 का चुनाव इजरायल की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है.


