100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे लालकृष्ण आडवाणी, PM मोदी ने याद किया उनका राजनीतिक सफर

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी रविवार, 8 नवंबर को अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं.
100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे लालकृष्ण आडवाणी

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी रविवार, 8 नवंबर को अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं. इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके लंबे राजनीतिक सफर और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया. पीएम मोदी ने एक विशेष लेख के जरिए आडवाणी के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों, संघर्षों और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका का उल्लेख किया.

विभाजन की त्रासदी से लेकर BJP के गठन तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में लालकृष्ण आडवाणी के जीवन के शुरुआती संघर्षों का जिक्र किया. उन्होंने 1947 के विभाजन के दौरान आडवाणी और उनके परिवार को झेलनी पड़ी कठिनाइयों को याद करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में नए सिरे से अपना जीवन शुरू किया. पीएम मोदी ने भारतीय जनसंघ को मजबूत बनाने और आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के गठन में आडवाणी की महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि आडवाणी ने संगठन को मजबूत करने के साथ पार्टी की विचारधारा और राजनीतिक विस्तार में अहम योगदान दिया.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर को अपने लिए भावनात्मक बताते हुए लिखा कि उन्हें लंबे समय से आडवाणी का स्नेह, साथ और मार्गदर्शन मिलता रहा है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता के साथ बिताए गए अनेक पल और उनसे जुड़ी यादें इस खास मौके पर उनके मन में ताजा हो रही हैं.

सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्रा को बताया ऐतिहासिक

लालकृष्ण आडवाणी के राजनीतिक जीवन के प्रमुख अध्यायों में सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई राम रथ यात्रा का भी प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक बताया.

पीएम मोदी ने कहा कि इस यात्रा की योजना बनाने और उसकी तैयारियों में उन्हें भी योगदान देने का अवसर मिला था. इसके अलावा उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए आडवाणी के संघर्ष और उनके राजनीतिक जीवन में आए विभिन्न उतार-चढ़ाव को भी याद किया.

अटल बिहारी वाजपेयी के साथ राजनीतिक साझेदारी की तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के लंबे राजनीतिक साथ को भी याद किया. उन्होंने दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और तालमेल को भारतीय राजनीति की एक उल्लेखनीय मिसाल बताया. उन्होंने आडवाणी की वैचारिक स्पष्टता, सादगी, गहन अध्ययन और सिद्धांतों के प्रति उनकी निष्ठा की प्रशंसा की. पीएम मोदी के मुताबिक, आडवाणी ने अपने सार्वजनिक जीवन में विचारधारा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को हमेशा महत्व दिया.

गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में निभाई अहम भूमिका

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार में गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के तौर पर आडवाणी के कार्यकाल का भी जिक्र किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और देश की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया. पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्र और सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. लेख के अंत में प्रधानमंत्री ने आडवाणी के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की. उन्होंने विश्वास जताया कि उनका संघर्षपूर्ण जीवन, राजनीतिक अनुभव और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा.

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