Punjab News : पंजाब पुलिस के **कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी ए डी)** ने **एनजीओ जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन** के सहयोग से स्टेट जुडिशियल अकादमी में **मानव तस्करी** पर **राज्य स्तरीय परामर्श सत्र** आयोजित किया।
पुलिस महानिदेशक (**डीजीपी**) पंजाब **गौरव यादव** ने उद्घाटन भाषण में ज़ोर देते हुए कहा कि मानव तस्करी एक **गंभीर अपराध** है, जिसमें विशेष रूप से **आर्थिक लाभ** के लिए **कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोगों** को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह अपराध **पीड़ितों की ज़िंदगी को तबाह** कर देता है, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर लंबे समय तक असर पड़ता है, और इस दिशा में **ठोस कार्रवाई** की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक निरंतर **अंतर्राज्यीय अपराध** होने के कारण इसे पुलिस और अन्य सरकारी संस्थाओं, जैसे कि **श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग** और विभिन्न राज्यों के **गैर-सरकारी संगठनों**, के सहयोग के बिना **नहीं रोका जा सकता**।
डीजीपी ने मानव तस्करी को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए **अंतर्राज्यीय और अंतर-एजेंसी सहयोग** की आवश्यकता पर विशेष ज़ोर दिया।
इस परामर्श सत्र में **पंजाब पुलिस, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग** के विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भारत दुनिया में मानव तस्करी विरोधी सबसे सख्त देशों में शामिल
विशेष डीजीपी (**सी ए डी**) पंजाब **गुरप्रीत दियो** ने कहा कि भारत अब **मानव तस्करी विरोधी सबसे मज़बूत कानूनों** वाले देशों में से एक है और **भारतीय न्याय संहिता** के ज़रिए इन कानूनों को और अधिक **मज़बूती** मिली है। उन्होंने कहा कि मज़बूत कानूनों को **मज़बूत कार्यान्वयन पद्धति** से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि केवल कानून अपने आप में इस अपराध को समाप्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि हमें तत्काल जिन चीज़ों की ज़रूरत है, उनमें शामिल हैं, **जन-जागरूकता**, सभी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच **सुदृढ़ तालमेल**, और सबसे महत्वपूर्ण **अपराधियों के ख़िलाफ़ समय पर कानूनी कार्रवाई**।
एजेंसियों ने साझा किए सहयोग और समाधान
इस कार्यक्रम के दौरान विशेष डीजीपी रेलवे **शशि प्रभा**, जिनके साथ खड़गपुर और अंबाला के लिए रेलवे सुरक्षा के डिविजनल कमिश्नर **अरुण त्रिपाठी** और **प्रकाश कुमार पांडा** भी मौजूद थे, ने **रेलवे सुरक्षा बल, ग़ैर-सरकारी संगठनों और पंजाब राज्य जीआरपी** के बीच **सहयोग की रूपरेखा** पर चर्चा की।
स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम पंजाब **वी. नीरजा** ने प्रतिभागियों को मानव तस्करी अपराध से निपटने में **साइबरस्पेस की भूमिका** और उसके उपयोग से अवगत कराया। एसपी सिविल राइट्स राजस्थान **हर्षवर्धन अग्रवाला** ने राजस्थान में मानव तस्करी से निपटने के लिए अपनाई जा रही **सर्वोत्तम प्रथाओं** पर प्रस्तुति दी।
अन्य जगहों की पुलिस की भी भारीदारी, आयोगों ने दिए सुझाव
इस विचार-विमर्श में **हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश** और **यू आई डी ए सी चंडीगढ़** के क्षेत्रीय कार्यालय के पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया। **पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल** और **पंजाब राज्य बाल आयोग की चेयरपर्सन कंवरदीप सिंह** ने भी इस परामर्श सत्र में शिरकत की और अपने विचार साझा किए।
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