मोदी कैबिनेट का बिहार को बड़ा तोहफा, 4 रेल लाइन और फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी

बिहार के लिए केंद्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए हैं। रेल नेटवर्क विस्तार और फोरलेन हाईवे परियोजनाओं से राज्य में कनेक्टिविटी बेहतर होने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन हाईवे परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे कई जिलों को सीधा फायदा मिलेगा।
मोदी कैबिनेट: बिहार को हाईवे का तोहफा, 4 रेल लाइन प्रोजेक्ट्स पर मुहर

यूनियन कैबिनेट की बैठक में बुधवार, 19 अगस्त 2026 को इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े पांच बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने चार रेलवे लाइन और एक फोरलेन हाईवे परियोजना को मंजूरी दी है। इन सभी प्रोजेक्ट्स पर कुल 13,041 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें बिहार के लिए मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनवर्षा फोरलेन हाईवे भी शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत 3,591 करोड़ रुपये है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से सड़क और रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बिहार को फोरलेन हाईवे की सौगात

मोदी कैबिनेट ने बिहार में मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनवर्षा फोरलेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। करीब 3,591 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से उत्तर बिहार में सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे लोगों के आवागमन के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी गति मिल सकती है।

हावड़ा-चेन्नई रेल रूट होगा मजबूत

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के रेलवे नेटवर्क में सात प्रमुख ट्रंक रूट हैं, जिनमें हावड़ा-चेन्नई मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार इस रूट को चरणबद्ध तरीके से चार लाइन वाला यानी क्वाड्रुपल बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य इस व्यस्त कॉरिडोर पर अधिक ट्रेनों का संचालन करना, माल ढुलाई को आसान बनाना और रेलवे ट्रैक के रखरखाव को सुविधाजनक बनाना है। हाल में मंजूर की गई चार रेल परियोजनाओं में से तीन इसी हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन से जुड़ी हैं।

खड़गपुर-भद्रक के बीच तीसरी-चौथी लाइन

पहली रेल परियोजना के तहत पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से ओडिशा के भद्रक के बीच 173 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी। इस परियोजना पर 3,352 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 41 बड़े और 169 छोटे पुलों का निर्माण भी शामिल है।

भद्रक-हरिदासपुर सेक्शन को मिलेगी चौथी लाइन

दूसरी परियोजना के तहत भद्रक से हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर चौथी लाइन बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट की लागत 1,533 करोड़ रुपये है। इसके अलावा पारादीप-कटक रेल खंड पर भी महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे। कटक शहर में ट्रेनों की भीड़ और यातायात की समस्या कम करने के लिए रेल-ओवर-रेल और रेल फ्लाईओवर जैसी विशेष व्यवस्था की जाएगी।

433 करोड़ की लॉजिस्टिक्स बचत, 26 लाख रोजगार

सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से देश को हर साल करीब 433 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत की बचत होगी। वहीं, लगभग 26 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इन फैसलों से बिहार में सड़क कनेक्टिविटी और पूर्वी भारत में रेलवे नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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