नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को भी NEET परीक्षा और छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित होने के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। विपक्ष ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर पर छात्रों व CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया।
अखिलेश यादव बोले- काले कपड़े विरोध का प्रतीक
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “काले कपड़े विरोध का प्रतीक हैं। यह दुख का भी रंग है। सरकार सुनना नहीं चाहती क्योंकि वह डरी हुई है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह शिक्षा मंत्री को पद से क्यों नहीं हटा रही है। अखिलेश ने दावा किया कि छात्रों की मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई सार्थक बातचीत नहीं हुई है।
प्रियंका गांधी ने छात्रों की मांगों का किया समर्थन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई और संसद में विपक्ष के साथ हो रहा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
खड़गे का सरकार पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।
दीपेंद्र हुड्डा बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार पर संसद में चर्चा नहीं होती, तब तक पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
संसद में भी रहा हंगामा
इससे पहले बुधवार को NEET और छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों की मांगों पर चर्चा और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।