भारत भाग्य विधाता शो का प्रोमो बैनर, जिसमें शो के एंकर Vivek Pathak की तस्वीर दिखाई गई है। इसका प्रसारण सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे Bharat Update पर होता है।

Hydrogen Fuel Train: PM मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जानिए क्या है इसकी सबसे बड़ी खासियत

Hydrogen Fuel Train
xr:d:DAF2vzUbkSI:3,j:1165718443291345421,t:23121207

पीएम मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पर्यावरण-अनुकूल और डीजल मुक्त है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है. इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने रेलवे में हाइड्रोजन तकनीक का सफल उपयोग शुरू किया है.

यह ट्रेन फिलहाल नॉर्दर्न रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाई जाएगी. इसका उद्देश्य भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क में हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों की व्यवहारिकता और प्रदर्शन का परीक्षण करना है.

जर्मनी, जापान और चीन जैसे देशों की कतार में भारत

हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक अपनाने के साथ भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जहां रेलवे में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है. भविष्य में इस तकनीक का विस्तार देश के अन्य रेल मार्गों पर भी किया जा सकता है.

डीजल इंजन से कैसे अलग है यह ट्रेन?

सामान्य डीजल इंजन वाली ट्रेनों के विपरीत यह ट्रेन अपनी बिजली खुद तैयार करती है. इसमें 1200 किलोवाट क्षमता वाला प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल (PEMFC) लगाया गया है, जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न करता है.

इस प्रक्रिया में किसी तरह का धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता. इसके बजाय केवल पानी की भाप और गर्मी निकलती है, जिससे इसे रेलवे परिवहन का सबसे स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प माना जा रहा है.

अगर आप खबरों के पीछे की पूरी कहानी और हर मुद्दे का सटीक विश्लेषण जानना चाहते हैं, तो 15 अगस्त से देखिए भारत अपडेट का विशेष कार्यक्रम ‘भारत भाग्य विधाता’।

ऐसे काम करती है हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक

ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार लगाई गई हैं, जिनमें उच्च दबाव वाले सिलेंडरों में हाइड्रोजन गैस संग्रहित रहती है. यही हाइड्रोजन फ्यूल सेल तक पहुंचाई जाती है, जहां ऑक्सीजन के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर बिजली बनाई जाती है।

फ्यूल सेल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बैटरी की तरह बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं होती। जब तक इसमें हाइड्रोजन की आपूर्ति होती रहती है, यह लगातार बिजली पैदा करती रहती है और ट्रेन को संचालित करती है.

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

भारतीय रेलवे का मानना है कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेनें भविष्य में डीजल इंजनों का बेहतर विकल्प बन सकती हैं. इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, ईंधन पर निर्भरता घटेगी और देश को हरित एवं टिकाऊ परिवहन प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी.

संबंधित खबरें

Kaushambi Blast: एक धमाका और उजड़ गया गया प्रसाद का परिवार, 4 बच्चों की मौत

वैश्विक संकट के बीच भारत की GDP ने चौंकाया, 7.8% की ग्रोथ पर PM मोदी खुश, विपक्ष ने उठाए सवाल

रूस-चीन से नजदीकी के बावजूद भारत किसी गुट में क्यों नहीं? पूर्व विदेश सचिव ने बताई वजह

‘देवभूमि की सामाजिक संस्कृति समझे बिना राजनीति कर रहे राहुल गांधी’, BJP का पलटवार

INDI अलायंस को विपक्ष के ही सांसद ने दिखाया आईना! शशि थरूर की खरी-खरी, Gen-Z को लेकर दी बड़ी नसीहत

Recommended Stories

Kaushambi Blast: एक धमाका और उजड़ गया गया प्रसाद का परिवार, 4 बच्चों की मौत

वैश्विक संकट के बीच भारत की GDP ने चौंकाया, 7.8% की ग्रोथ पर PM मोदी खुश, विपक्ष ने उठाए सवाल

रूस-चीन से नजदीकी के बावजूद भारत किसी गुट में क्यों नहीं? पूर्व विदेश सचिव ने बताई वजह

‘देवभूमि की सामाजिक संस्कृति समझे बिना राजनीति कर रहे राहुल गांधी’, BJP का पलटवार

INDI अलायंस को विपक्ष के ही सांसद ने दिखाया आईना! शशि थरूर की खरी-खरी, Gen-Z को लेकर दी बड़ी नसीहत