लखनऊ: उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार (21 जुलाई) को हुई कैबिनेट बैठक में ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना‘ को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत राज्य की मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी, ताकि उनकी उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिल सके और आने-जाने में सुविधा मिले।
50 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ
सरकार ने इस योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। पहले चरण में लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। योजना के तहत स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन शुल्क, बीमा और 5 लीटर पेट्रोल का खर्च भी सरकार ही वहन करेगी।
किन छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, 2025-26 शैक्षणिक सत्र में राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, संबद्ध सरकारी, सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी कॉलेजों की स्नातक उत्तीर्ण टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मेरिट के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा।
इस योजना में सभी मान्यता प्राप्त सरकारी, निजी और सेल्फ-फाइनेंस कॉलेज एवं विश्वविद्यालय शामिल होंगे।
इन छात्राओं के लिए विशेष छूट
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निराश्रित, दिव्यांग और शहीदों के आश्रित छात्राओं के लिए मेरिट और आय सीमा की शर्त लागू नहीं होगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन पात्र छात्राओं को अनिवार्य रूप से योजना का लाभ दिया जाएगा।
योजना के लिए पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- छात्रा उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हो।
- परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये या उससे कम हो।
- मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से स्नातक अथवा स्नातकोत्तर की पढ़ाई की हो।
- मेरिट सूची में कॉलेज या विश्वविद्यालय की टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं में शामिल हो।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए छात्राओं को ये दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे:
- आधार कार्ड
- उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- स्नातक/स्नातकोत्तर की अंकतालिका एवं प्रमाण पत्र
- शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र
- बैंक खाते का विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
छात्राओं की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
योगी सरकार का कहना है कि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, उनकी आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से बड़ी संख्या में छात्राएं लाभान्वित होंगी और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।