संक्षेप में मुख्य समाचार
- बरेली में **26 सितंबर** के बाद हालात **पूरी तरह शांत**।
- **सपा प्रतिनिधिमंडल** को बरेली जाने की **अनुमति नहीं** मिली।
- ज़िले में **बीएनएसएस की धारा 163 लागू**, **बाहरी लोगों का प्रवेश बैन**।
- **जुमे की नमाज़** पुलिस सुरक्षा में **पूरी तरह शांतिपूर्ण** रही।
- झड़प में **81 लोग गिरफ्तार**, कई मामले दर्ज किए गए।
UP News : उत्तर प्रदेश के **बरेली** में **26 सितंबर** को हुए बवाल के बाद हालात अब **शांतिपूर्ण** बने हुए हैं। शहर में सुरक्षा बलों की तैनाती है। इस बीच, समाजवादी पार्टी (**सपा**) के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष **माता प्रसाद पांडेय** के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज बरेली जाकर स्थिति का जायजा लेना चाहता था, लेकिन **प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी**। लखनऊ में माता प्रसाद पांडेय के आवास के बाहर **पुलिस तैनात** कर दी गई है। पीजीआई थाना की ओर से बरेली न जाने का **नोटिस** भी जारी किया गया है। वहीं **जियाउर्रहमान बर्क** के घर को भी पुलिस ने घेर लिया है, और उन पर **हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति** हो गई है। उन्हें भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।
बरेली में बीएनएसएस की धारा 163 लागू
बरेली ज़िला मजिस्ट्रेट के जारी आदेश में कहा गया है कि ज़िले में **भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163** लागू है। इसके तहत किसी भी **बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि** को **बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति** के बरेली ज़िले की सीमा में प्रवेश करने की इजाज़त नहीं होगी। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ज़िले की साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किसी भी कार्यक्रम को ज़िले की सीमा में रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
बरेली के प्रस्तावित दौरे में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के अलावा सांसद **हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रहमान बर्क, मोहिबुल्लाह और नीरज मौर्य** के साथ-साथ पूर्व सांसद **वीरपाल सिंह यादव** और **प्रवीण सिंह ऐरन** भी शामिल थे।
बरेली में पुलिस सुरक्षा में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण
पिछले दिन बरेली के चार इलाक़ों में करीब **10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों** की मौजूदगी के बीच शुक्रवार की **जुमे की नमाज़ शांतिपूर्ण** तरीके से संपन्न हुई। सुरक्षा की दृष्टि से **इंटरनेट और एसएमएस सेवाएँ** अभी भी बंद हैं। शहर की **नौमहला मस्जिद** में भी नमाज़ अदा की गई, जहाँ पिछले शुक्रवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प हुई थी। इसके अलावा **आला हज़रत दरगाह** ज़्यादातर ख़ाली रही, आसपास की दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर पुलिस गश्त कर रही थी। व्यापारी और दुकानदार **डर का हवाला** देते हुए बाज़ारों से दूरी बनाए थे।
26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद हुई झड़प में **कई पुलिसकर्मी घायल** हो गए थे। इसके बाद, **2,000 से अधिक अज्ञात लोगों** के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया। साथ ही, **नामजद दस एफ़आईआर** दर्ज की गईं और स्थानीय मौलवी **तौकीर रज़ा ख़ान** समेत कम से कम **81 लोगों को गिरफ्तार** किया गया।
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