हाल के कारोबार सत्रों में भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए बड़ा झटका लगा है। प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में यह तेज बिकवाली मुख्य रूप से आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों के नेतृत्व में हुई, जिसकी जड़ें अमेरिकी बाजार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिंताओं में हैं।
भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त करेक्शन देखने को मिला। नवीनतम अपडेट के अनुसार, सेंसेक्स 800 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 82,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी 250 अंक नीचे गिरकर 25,550 पर आ गया है। गिरावट का यह सिलसिला एक दिन पहले भी जारी रहा था, जब सेंसेक्स 558 अंक नीचे 83,675 पर और निफ्टी 147 अंक नीचे 25,807 पर बंद हुआ था।
आईटी स्टॉक्स में रिकॉर्ड तोड़ बिकवाली का कारण
बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण आईटी क्षेत्र रहा। इंफोसिस और टीसीएस (TCS) जैसे दिग्गजों सहित कई आईटी शेयरों में 6% तक की तेज गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली के पीछे मुख्य कारण अमेरिका में बढ़ रही एआई से जुड़ी चिंताएं हैं।
AI का डर: अमेरिकी निवेशकों के मन में यह डर बैठ गया है कि नए एआई टूल्स पारंपरिक आईटी सेवाओं के बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकते हैं। इसके चलते अमेरिकी एआई और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिली।
भारतीय बाजार पर असर: चूँकि भारतीय आईटी कंपनियां अपनी आय का बड़ा हिस्सा अमेरिकी क्लाइंट्स से कमाती हैं, इसलिए अमेरिकी बाजार में बिकवाली का सीधा और गंभीर असर भारत के आईटी सेक्टर पर पड़ा, जिससे पूरा बाजार दबाव में आ गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.51% नीचे बंद हुआ।
अन्य सेक्टर्स का हाल
आईटी के अलावा, मेटल और रियल्टी शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल और रियल्टी इंडेक्स दोनों 3% से अधिक टूटे। मेटल सेक्टर में हिंडाल्को, VEDL और नेशनल एल्युमिनियम जैसे शेयर लगभग 5% गिरे, वहीं रियल्टी सेक्टर में प्रेस्टीज, गोदरेज प्रॉपर्टीज और डीएलएफ भी लगभग 5% नीचे कारोबार कर रहे थे। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 17 में गिरावट रही, जो दिखाता है कि यह बिकवाली व्यापक थी।
बाजार में मौजूदा गिरावट वैश्विक तकनीकी चिंताओं का सीधा परिणाम है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एआई क्षेत्र के विकास और अमेरिकी बाजार के रुख पर करीब से नजर रखें, क्योंकि यह भारतीय आईटी और उससे जुड़े अन्य सेक्टर्स के भविष्य को प्रभावित करेगा।









