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UN की रिपोर्ट में जैश का बड़ा कबूलनामा: लाल किले धमाके के पीछे मसूद अजहर का हाथ, बनाई नई महिला आतंकी विंग

आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान की पोल

आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान की पोल एक बार फिर वैश्विक मंच पर खुल गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ‘सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम’ की हालिया 37वीं रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। इस रिपोर्ट ने सीधे तौर पर दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार बम धमाके और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बीच सीधा संबंध उजागर किया है, जिसने भारत के उन दावों पर मुहर लगा दी है जो लंबे समय से पाकिस्तान को बेनकाब करते रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की इस नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 10 नवंबर 2025 को देश की राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इस हमले में 15 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। UN की 37वीं रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि इस हमले के तार सीधे तौर पर जैश से जुड़े हैं, जिसने न केवल इसकी जिम्मेदारी ली, बल्कि वह भारत में अपनी जड़ें गहरी करने में जुटा हुआ है। यह खुलासा तब हुआ है जब पाकिस्तान दुनिया के सामने जैश और लश्कर जैसे संगठनों को खत्म करने का दावा करता रहा है।

जैश की नई रणनीति: महिलाओं की ‘जमात-उल-मुमिनात’

रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक और चौंकाने वाला पहलू जैश के सरगना मसूद अजहर की नई रणनीति को लेकर है। अब वह महिलाओं को ढाल बनाकर आतंक फैलाने की फिराक में है। 8 अक्टूबर को मसूद अजहर ने महिलाओं की एक नई विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ (Jamaat-ul-Mu’minat) बनाने का ऐलान किया है। हालांकि यह नाम अभी UNSC की प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के खिलाफ एक नई और बेहद खतरनाक साजिश का हिस्सा है।

लश्कर के प्रॉक्सी और पहलगाम हमला

यह रिपोर्ट सिर्फ जैश तक ही सीमित नहीं है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा के ‘प्रॉक्सी’ यानी मुखौटा संगठन TRF (The Resistance Front) का भी जिक्र है। इस संगठन को अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी। स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों को छिपाने के लिए ऐसे प्रॉक्सी संगठनों का इस्तेमाल कर रहा है। UN की इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के उस दावे को और मजबूत कर दिया है कि पाकिस्तान आज भी आतंक की फैक्ट्री बना हुआ है।

लाल किले से लेकर पहलगाम तक, हर बड़ी आतंकी साजिश के पीछे सीमा पार बैठे आतंकवादियों का ही हाथ रहा है। अब सवाल यह है कि क्या इस रिपोर्ट के बाद दुनिया पाकिस्तान पर कड़े प्रतिबंध लगाएगी या फिर इस्लामाबाद अपनी पुरानी आदतों को ही दोहराता रहेगा? UN के इस नवीनतम खुलासे ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंक के आका अब नए नामों और नई विंग्स के साथ वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

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