यूपी चुनाव 2027: BJP का सीक्रेट सर्वे शुरू, 403 सीटों पर रिपोर्ट कार्ड तैयार; सहयोगी दलों की सीटें भी रडार पर

BJP का सीक्रेट सर्वे शुरू

UP BJP Secret Survey: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर गोपनीय (सीक्रेट) सर्वे शुरू किया है। इस सर्वे के जरिए न सिर्फ मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा, बल्कि हारी हुई सीटों और एनडीए सहयोगी दलों के कब्जे वाली सीटों की भी समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कई मौजूदा विधायकों के टिकट कट सकते हैं और नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

403 सीटों पर होगा प्रदर्शन का आकलन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां प्रदेशभर में दौरे कर चुनावी माहौल बनाने में जुटे हैं, वहीं बीजेपी संगठन स्तर पर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगा है। पार्टी सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर फीडबैक जुटा रही है, ताकि उम्मीदवारों के चयन में जमीनी स्थिति को प्राथमिकता दी जा सके।

8 मानकों पर तैयार होगा रिपोर्ट कार्ड

सूत्रों के मुताबिक, सर्वे के दौरान विधायकों और संभावित उम्मीदवारों का मूल्यांकन कई मानकों पर किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • जनता के बीच छवि
  • क्षेत्र में सक्रियता
  • विकास कार्यों का रिकॉर्ड
  • संगठन से तालमेल
  • कार्यकर्ताओं की राय
  • भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप
  • जीत की संभावना
  • स्थानीय सामाजिक और जातीय समीकरण

इन सभी बिंदुओं पर पार्टी कार्यकर्ताओं, आम जनता और संगठन से जुड़े लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है।

सहयोगी दलों की सीटों पर भी नजर

बीजेपी सिर्फ अपनी सीटों का ही नहीं, बल्कि एनडीए के सहयोगी दलों—सुभासपा, निषाद पार्टी, अपना दल (एस) और राष्ट्रीय लोकदल (RLD)—के कब्जे वाली सीटों का भी आकलन कर रही है। इन सीटों पर मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और जनाधार की समीक्षा की जा रही है।

माना जा रहा है कि इस सर्वे की रिपोर्ट सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन के दौरान सहयोगी दलों के साथ भी साझा की जा सकती है।

61 मुश्किल सीटों पर विशेष रणनीति

बीजेपी ने उन 61 विधानसभा सीटों पर विशेष फोकस किया है, जहां पार्टी लगातार चुनाव हारती रही है। इनमें कई सीटें समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों में आती हैं।

इन सीटों पर पार्टी नए चेहरे, स्थानीय मुद्दों और जातीय समीकरणों का गहन अध्ययन कर रही है, ताकि 2027 में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

RSS और कार्यकर्ताओं के फीडबैक को मिलेगी अहमियत

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), संगठन के पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट और जमीनी प्रतिक्रिया के आधार पर ही टिकट वितरण पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

कई पुराने चेहरों पर लटक सकती है तलवार

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जिन विधायकों की रिपोर्ट कमजोर आएगी या जिनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर नाराजगी मिलेगी, उनके टिकट कट सकते हैं। वहीं बेहतर जनाधार और सकारात्मक फीडबैक वाले नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

बीजेपी का यह सीक्रेट सर्वे न केवल पार्टी की चुनावी रणनीति तय करेगा, बल्कि सहयोगी दलों के लिए भी आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

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