उत्तर प्रदेश के वाराणसी में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस गंभीर सूचना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आए और सुरक्षा कारणों से आनन-फानन में पूरे परिसर को खाली कराकर विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। यह घटना न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
धमकी भरा यह संदेश देर रात करीब 1:30 बजे जिला जज संजीव शुक्ला के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ था। मामले की जानकारी मिलते ही जिला जज ने तत्काल पुलिस और जिला प्रशासन को अवगत कराया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया गया।
जांच अभियान और परिसर खाली करने की प्रक्रिया
सुरक्षा कारणों को देखते हुए, जिला जज के अनुरोध पर वकीलों, कर्मचारियों और वादकारियों को न्यायालय परिसर खाली करने के लिए कहा गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली। इस दौरान डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को भी तैनात किया गया था।
इस घटना के चलते दोपहर तक आम लोगों और वादकारियों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई थी, जिसके कारण गेट पर कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति भी बनी रही।
अधिवक्ताओं से सतर्क रहने की अपील और प्रशासन की कार्रवाई
इस बीच, केंद्रीय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने अधिवक्ताओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने इस तरह की धमकियों को अत्यंत गंभीर बताते हुए न्यायालय परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि धमकी भरे ईमेल की गंभीरता से जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रेषक की पहचान करने का प्रयास जारी है। एहतियातन, परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं तथा स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन धमकी देने वाले की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।









