आयरलैंड के साथ दो मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली तो भारत में सोशल मीडिया पर तीखी बहस हो रही थी कि उन्हें क्यों नहीं मौक़ा दिया जा रहा है.
भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान खींचने वाले 15 वर्षीय वैभव इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अब तक संघर्ष करते नजर आए हैं। तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके बल्ले से सिर्फ 42 रन निकले हैं और सबसे बड़ी चिंता बैक-ऑफ-लेंथ तथा शॉर्ट गेंदों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी को लेकर सामने आई है।
दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के उनके साथी जोफ्रा आर्चर ने कभी मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह आईपीएल खत्म होने के बाद बताएंगे कि वैभव सूर्यवंशी को कैसे गेंदबाजी करनी है। अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में आर्चर मानो अपनी गेंदबाजी से उस सवाल का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने लगातार दूसरे मुकाबले में वैभव को अपना शिकार बनाया है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव की मुश्किल शुरुआत
आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। इसे लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई और लगातार सवाल उठे कि युवा बल्लेबाज को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है। आखिरकार इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला।
अपने पहले मैच में वैभव ने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए। अगले मुकाबले में उन्होंने पांच गेंदों पर 13 रन की तेज पारी खेली, जबकि ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी-20 में वह 10 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हो गए। तीन मैचों में उनके नाम कुल 42 रन हैं। इन पारियों में एक बात लगातार देखने को मिली कि वैभव लगभग हर गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश कर रहे हैं और यही रवैया उनके लिए मुश्किल पैदा करता दिख रहा है।
आर्चर ने शॉर्ट गेंदों से बिछाया जाल
ब्रिस्टल में जोफ्रा आर्चर ने वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ शुरुआत से ही स्पष्ट रणनीति अपनाई। उन्होंने युवा बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाते हुए शॉर्ट और बैक-ऑफ-लेंथ गेंदों का इस्तेमाल किया। वैभव ने बड़े शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद पर सही संपर्क नहीं बना सके।
आखिरकार शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश में वैभव ने मिड-ऑन पर सैम करन को आसान कैच थमा दिया। आर्चर ने सिर्फ आठ गेंदों के भीतर उनका विकेट हासिल कर लिया। यह लगातार दूसरा मैच था, जब इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने वैभव को पवेलियन भेजा।
‘IPL के बाद बताऊंगा’, अब गेंदबाजी से जवाब दे रहे आर्चर
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद पर राजस्थान रॉयल्स की जीत के बाद जोफ्रा आर्चर से वैभव सूर्यवंशी को रोकने की रणनीति के बारे में पूछा गया था। दोनों राजस्थान रॉयल्स के लिए साथ खेलते हैं और नेट्स में भी एक-दूसरे का सामना कर चुके हैं।
जब आर्चर से पूछा गया कि क्या उन्होंने नेट्स में वैभव की किसी कमजोरी को पहचाना है, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने हंसते हुए कहा था कि वह आईपीएल खत्म होने के बाद बताएंगे कि सूर्यवंशी के खिलाफ कैसी गेंदबाजी करेंगे। अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में आर्चर की रणनीति ने उस पुराने बयान को फिर चर्चा में ला दिया है।
क्या दुनिया ने पकड़ ली वैभव की कमजोरी?
वैभव सूर्यवंशी अपने शुरुआती तीनों अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बैक-ऑफ-लेंथ और शरीर की ओर आती उछाल वाली गेंदों के खिलाफ असहज नजर आए हैं। आईपीएल के दौरान भी शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ उनकी तकनीक को लेकर चर्चा हुई थी। मौजूदा इंग्लैंड दौरे और इससे पहले श्रीलंका में खेली गई त्रिकोणीय वनडे सीरीज के प्रदर्शन ने इन सवालों को और बढ़ा दिया है।
वरिष्ठ खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता ने भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विपक्षी टीमें बल्लेबाज की कमजोरी बहुत जल्दी पकड़ लेती हैं। उनके मुताबिक अब गेंदबाज वैभव के शरीर और गले की लाइन पर उछाल वाली गेंदों से उन्हें जोखिम भरे शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर सकते हैं।
IPL की सपाट पिचों से अलग है इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौती
वैभव ने अपनी पहचान मुख्य रूप से आईपीएल में विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर बनाई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं। इंग्लैंड की पिचों पर अतिरिक्त उछाल और गेंद की हरकत भारतीय बल्लेबाजों के लिए लंबे समय से चुनौती रही है।
अगर वैभव को लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल होना है तो उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करना होगा। हर गेंद पर आक्रमण करने के बजाय गेंदबाज और परिस्थितियों को समझकर शॉट का चयन करना उनके विकास का अहम हिस्सा हो सकता है।
सिर्फ वैभव नहीं, पूरी भारतीय बल्लेबाजी सवालों के घेरे में
इंग्लैंड दौरे पर केवल वैभव सूर्यवंशी ही संघर्ष नहीं कर रहे हैं। भारतीय टीम के कई बल्लेबाज रन बनाने के लिए जूझते दिखाई दिए हैं। अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़ दें तो बाकी बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। हालांकि ये दोनों भी लगातार अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आए हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिरिक्त उछाल और गेंद की हरकत के सामने टीम के बल्लेबाज असहज दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक अगर भारतीय बल्लेबाज खुद को केवल सपाट पिचों पर रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाने से बचाना चाहते हैं तो उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में लगातार पांच हार
श्रेयस अय्यर को पहली बार टी-20 प्रारूप में भारतीय टीम की कप्तानी मिली है, लेकिन उनकी कप्तानी की शुरुआत बेहद खराब रही है। भारतीय टीम को लगातार पांच मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद टीम चयन, प्लेइंग इलेवन और रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने श्रेयस की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह वह मध्य ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करते हैं और सोच-समझकर जोखिम उठाते हैं, उससे दूसरे बल्लेबाजों को सीखने की जरूरत है।
क्या वैभव को मिलेगा खुद को साबित करने के लिए समय?
वैभव सूर्यवंशी अभी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर में हैं। क्रिकेट इतिहास में कई महान खिलाड़ियों की शुरुआत भी आसान नहीं रही है। सचिन तेंदुलकर भी अपने शुरुआती दो वनडे मुकाबलों में बिना खाता खोले आउट हुए थे। ऐसे में सिर्फ तीन मैचों के आधार पर वैभव के भविष्य का फैसला करना जल्दबाजी होगी।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाज किसी बल्लेबाज की कमजोरी को तेजी से पहचानते हैं। वैभव के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी आक्रामकता को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित करना है। अगर वह शॉर्ट और बैक-ऑफ-लेंथ गेंदों के खिलाफ अपनी तकनीक और शॉट चयन में सुधार करते हैं, तो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी भारत के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है।

