नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक नई जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में आंदोलन को कथित विदेशी फंडिंग मिलने का आरोप लगाते हुए मामले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई है और मामले की सुनवाई शुक्रवार, 24 जुलाई को होगी।
NIA जांच की मांग वाली PIL पर होगी सुनवाई
याचिका सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता बरुण सिन्हा ने दाखिल की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि हाल में निकाला गया संसद मार्च एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इसके पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका की जांच की जानी चाहिए। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ करेगी।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि CJP के प्रदर्शन के कारण राजधानी दिल्ली का जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन के कारण पूरी दिल्ली प्रभावित हुई और इसकी फंडिंग की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पेपर लीक पर PM मोदी का बड़ा ऐलान
इस बीच, NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए।
राहुल गांधी ने साधा निशाना
प्रधानमंत्री के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और उसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगें स्पष्ट हैं—
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
- छात्रों से माफी मांगी जाए।
- प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब इस पूरे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां विदेशी फंडिंग के आरोपों और NIA जांच की मांग पर अदालत अपना पक्ष सुनेगी।