केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है और उन्हें केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच आया है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पिछले एक महीने से लगातार प्रदर्शन कर रही थी। प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की थी।
संजय राउत ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए यह प्रचार किया गया कि प्रदर्शनकारियों को विदेश से फंडिंग मिल रही है और सरकारी अधिकारियों द्वारा आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पहली बार किसी जन आंदोलन ने एक केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया है।
राउत ने कहा, “इस देश में लोकतंत्र कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन आज की घटना ने उसमें नई जान फूंक दी है। इस सफलता का श्रेय देश के युवाओं को जाता है। यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि पुणे, मुंबई और देश के कई अन्य हिस्सों में भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।”
फडणवीस को शिक्षा मंत्रालय मिलने का दावा
संजय राउत ने दावा किया कि केंद्र सरकार देवेंद्र फडणवीस को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक जानकारी या दस्तावेज साझा नहीं किया। फिलहाल केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विधायकों और सांसदों को दी सावधानी बरतने की सलाह
संजय राउत ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की सुरक्षा बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि जनता में भारी नाराजगी है और जनप्रतिनिधियों को बिना जरूरी काम के सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। राउत ने कहा कि मौजूदा माहौल को देखते हुए आने वाले दिनों में क्या होगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है।