NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले एक महीने से जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार कर लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार दोपहर पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
एक महीने से जारी था छात्रों का आंदोलन
25 जुलाई 2026 का दिन छात्र आंदोलन के लिए अहम साबित हुआ। पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना और देश के कई अन्य शहरों तक छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी शामिल था।
इसी दौरान जंतर-मंतर पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। बाद में सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया था।
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में युवा ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाते और नाचते दिखाई दिए।
सरकार ने अन्य मांगों पर भी दिखाई सहमति
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा सरकार ने आंदोलनकारियों की अन्य प्रमुख मांगों पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है। इनमें प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और परीक्षा सुधारों पर व्यापक चर्चा करने का आश्वासन शामिल है। बताया जा रहा है कि सरकार और CJP के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया।
संसद मार्च के बाद बढ़ा था दबाव
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और तेज हो गई थी। विपक्ष भी लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा था। बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं मामले की समीक्षा की और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया।
NTA में भी किए गए बड़े बदलाव
पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने 24 जुलाई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में भी बड़े प्रशासनिक बदलाव किए थे। अब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने और सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद छात्र आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया है।