पटना: छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें देर रात न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारा भेजने का आदेश दिया। यह उनके राजनीतिक जीवन का पहला मौका है, जब उन्हें जेल जाना पड़ा है।
देर रात हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने शनिवार देर रात पटना के सिटी सेंटर मॉल के पास से तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने अपनी गाड़ी से जाने की इच्छा जताई, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह पुलिस वाहन में बैठे। उन पर कानून-व्यवस्था भंग करने, समर्थकों को उकसाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हिंसक प्रदर्शन को बढ़ावा देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पहले हिरासत, फिर दोबारा गिरफ्तारी
गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप यादव को पहले दीघा थाना और फिर नौबतपुर थाना ले जाया गया। रात करीब 12:15 बजे उन्हें छज्जूबाग स्थित न्यायिक दंडाधिकारी के आवास पर पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजने का आदेश दिया गया।
दिनभर छात्र आंदोलन में रहे सक्रिय
शनिवार सुबह तेज प्रताप यादव गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रतिमा पर चढ़कर तिरंगा फहराया और छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। दोपहर में पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। रिहा होने के बाद भी वह विभिन्न स्थानों पर समर्थकों के साथ सक्रिय रहे, जिसके बाद देर रात पुलिस ने दोबारा कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हिंसक प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई FIR
छात्र आंदोलन के दौरान गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अलावा सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
इसी घटना को लेकर गांधी मैदान थाना में तेज प्रताप यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि भीड़ को भड़काने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
60 समर्थक भी हिरासत में
छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गांधी मैदान और कोतवाली थाना में कुल चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने राजद विधायक गौतम कृष्णा समेत करीब 60 समर्थकों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज व वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।