पटना: बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। उनकी गिरफ्तारी बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद की गई कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है।
बिहार बंद के दौरान हुई गिरफ्तारी
तेज प्रताप यादव 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद में शामिल हुए थे। दिन में पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। देर रात पटना के एक मॉल से उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर नौबतपुर थाने ले जाया गया, जहां से मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
तेजस्वी यादव ने सरकार से पूछे सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र आंदोलन करने वालों ने अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाई है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया था, लेकिन अब सवाल यह है कि सरकार से समझौते के बाद आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों का क्या होगा। तेजस्वी ने कहा कि विभिन्न राज्यों में हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किए गए हैं, जिन पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
वकील ने उठाया कानूनी सवाल
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने केवल गिरफ्तारी मेमो दिया है, जबकि एफआईआर की प्रति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
तेज प्रताप यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से बिहार में आंदोलन करने की अपील की थी। गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने कहा था कि वह छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और जरूरत पड़ने पर उनके अधिकारों के लिए जान देने को भी तैयार हैं।
छात्र आंदोलन के दौरान कई जिलों में हिंसा
NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में छात्र आंदोलन तेज रहा। पटना से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन सिवान, छपरा, दरभंगा और औरंगाबाद समेत कई जिलों तक फैल गया। कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
सिवान में फायरिंग पर विवाद
सिवान की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि एक पुलिसकर्मी AK-47 से फायरिंग कर रहा है। इस घटना में तीन युवकों के घायल होने की खबर है।
सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, क्योंकि कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शनकारियों की आड़ लेकर पुलिस पर फायरिंग की थी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घायलों को पुलिस की गोली लगी या प्रदर्शनकारियों की।
छपरा और औरंगाबाद में भी झड़पें
सारण (छपरा) और औरंगाबाद में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई। कई जगह पुलिस वाहनों में तोड़फोड़, पथराव और सड़क जाम की घटनाएं सामने आईं। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
सरकार और CJP के समझौते के बाद भी तनाव
हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के साथ समझौते के बाद CJP ने अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया था, लेकिन बिहार के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी रहे। अब तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है।