बिहार के जमुई जिले में एक छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने 6 से 7 अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली है, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जमुई की इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
19 सितंबर को हुई थी घटना
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम जमुई सदर थाना क्षेत्र में हुई। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक नाबालिग लड़का और लड़की कोचिंग के बाद स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर दोनों को रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ अभद्र व्यवहार किया। वायरल वीडियो में लड़की को कई युवकों से घिरा हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में उसके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किए जाने और उसे कुछ दूरी तक घसीटे जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
करीब 20 मिनट तक चला घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चला। इस दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर घटना का वीडियो भी बनाया। पीड़ित लड़का-लड़की ने वहां से निकलने की कोशिश की और बाद में किसी तरह दोनों वहां से बचकर निकल गए। हालांकि वायरल हुए वीडियो की अवधि करीब एक मिनट और 35 सेकंड की अलग-अलग क्लिप के रूप में बताई गई है।
वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई FIR
बताया गया है कि घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान की और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पुलिस की ओर से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही गई है।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
वीडियो वायरल होने के बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने जमुई के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की बात कही। आयोग की ओर से पीड़िता से मुलाकात के लिए टीम भेजने की बात भी कही गई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।