अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अयोध्या दौरे के दूसरे दिन रविवार को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि पहुंचकर भगवान के दर्शन-पूजन किए. इसके बाद उन्होंने रामघाट हाल्ट के पास स्थित निषाद बस्ती में दीपावली मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और स्वच्छता से जुड़े लोगों को दीपावली की सौगात दी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ मुलाकात की और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई. अपने दौरे के दौरान सीएम योगी ने संतों से भी मुलाकात की. वहीं, मीडिया से बातचीत में उन्होंने अयोध्या के पुराने हालात का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा.
‘रामभक्तों पर बरसाई गई थीं लाठियां और गोलियां’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था, जब अयोध्या में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने तक पर पाबंदी थी. भगवान राम के दर्शन और पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय रामभक्तों पर लाठियां बरसाई गईं और गोलियां तक चलाई गईं. यहां तक कि अयोध्या की पारंपरिक धार्मिक परिक्रमा पर भी रोक लगा दी गई थी.
सीएम योगी ने कहा कि आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं. अब अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाता है और धार्मिक आयोजनों में लाखों लोग बिना किसी रोक-टोक के शामिल होते हैं. उन्होंने दीपोत्सव का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह और उल्लास के साथ आयोजन में भाग लिया.
आस्था और अर्थव्यवस्था का केंद्र बन रही अयोध्या
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज अयोध्या में धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. अब रामभक्तों की परिक्रमा में बाधा डालने के बजाय उसे बढ़ावा दिया जाता है. उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अयोध्या अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि विकास और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी नई पहचान बना रही है. उन्होंने आस्था और अर्थव्यवस्था के इस मेल को एक सकारात्मक बदलाव बताते हुए कहा कि यह दूसरे क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है.
दीपोत्सव में 30 लाख से अधिक दीये जलाकर बना विश्व रिकॉर्ड
गौरतलब है कि शनिवार को अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में दसवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. इस दौरान राम की पैड़ी से लेकर सरयू नदी के तट तक लाखों मिट्टी के दीये प्रज्वलित किए गए. आयोजन में 30 लाख से अधिक दीये जलाए जाने के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने का दावा किया गया.
दीपोत्सव के दौरान राम मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। पूरी रामनगरी रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाती नजर आई. वहीं, आसमान में हुई आतिशबाजी और ड्रोन शो ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मौजूदगी ने अयोध्या के दीपोत्सव को यादगार बना दिया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान संतों से मुलाकात कर धार्मिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा की. उनका यह दौरा दीपोत्सव के आयोजन के साथ अयोध्या की धार्मिक परंपराओं और बदलती विकास यात्रा को सामने रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा.


