Putin India Visit : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच गए हैं। पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। पालम हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका आत्मीय स्वागत गले लगाकर किया। उल्लेखनीय है कि पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका के संबंध एक नाजुक दौर से गुज़र रहे हैं। रूसी तेल खरीद के मामले में अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही वाहन में बैठकर हवाई अड्डे से प्रस्थान हुए। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है। प्रधानमंत्री मोदी आज रात उनके सम्मान में एक निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
पुतिन के भारत पहुंचने से पहले रूस के कई मंत्री दिल्ली पहुंचे। इनमें उप-प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव, रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और कृषि मंत्री दिमित्री पेट्रोव सम्मिलित हैं।
राष्ट्रपति पुतिन संग PM मोदी की द्विपक्षीय बैठक
कल दोपहर हैदराबाद हाउस में भारत-रूस का 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ विस्तृत वार्ता करेंगे। दोनों देश राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान-तकनीक, संस्कृति और मानवीय क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर विचार-विमर्श होगा, जिनमें एसयू-57 लड़ाकू विमान, एस-500 मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस मिसाइल के नए संस्करण जैसे विषय शामिल हैं। दोनों नेता व्यापार असंतुलन को सुधारने पर भी बातचीत करेंगे।
पुतिन का भारत दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण
चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन का यह भारत दौरा वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। उनका कहना है कि भारत और रूस के संबंध पिछले 70 वर्षों से सुदृढ़ रहे हैं।
रूस की यूरोप के साथ समस्याओं और उस पर लगे प्रतिबंधों के कारण हालात नाज़ुक बने हुए हैं, और भारत पर भी रूस से संबंधित फैसलों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय दबाव रहता है। रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे का खुलकर समर्थन करते हैं। भारत-रूस के व्यापार में एक बड़ा अंतर मौजूद है, जिसे कम करने की आवश्यकता है। भारत के लिए यह दौरा कई मायनों में अहम है।
कल राजघाट जाएंगे पुतिन
5 दिसंबर को सुबह 11 बजे राष्ट्रीय ध्वज के नीचे राष्ट्रपति पुतिन का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में पुतिन से मिलकर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान करेंगी। इसके बाद पुतिन राजघाट जाएंगे, जहां वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित करेंगे।









