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दीपक प्रकाश के मंत्री बनने पर उपेंद्र कुशवाहा हुए निशाने पर, प्रशांत किशोर की पार्टी ने जताई आपत्ति

Bihar News : एनडीए सरकार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। दीपक फिलहाल न तो विधायक हैं और न ही राज्य सभा सदस्य, जिसके चलते उनके नाम पर परिवारवाद के आरोप लगे हैं। इस बीच, प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। बीते शनिवार (22 नवंबर, 2025) को जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा की।

मनोज भारती ने उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को मंत्री बनाए जाने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश के नौजवान रोज गरीबी के चलते ट्रेन की छत और फुटबोर्ड पर लटककर शहरों की ओर भागते हों, वहां उनके बेटे को बिहार में ही नौकरी मिलना चमत्कार है। भारती ने कहा कि कुछ दिन लोग शोर करेंगे, लेकिन जल्दी ही फिर वही नौजवान शहरों की ट्रेनों में काम ढूंढते दिखेंगे।

शोर-शराबे की चिंता नहीं

मनोज भारती ने आगे लिखा कि वोट का मौसम आने पर वही लोग बड़े नागरिक बनकर फिर से कुशवाहा की झोली भर देंगे। उन्होंने कहा कि शोर-शराबे की चिंता नहीं करनी चाहिए और अब बस तैयारी शुरू करनी है। अगले 5 साल में आने वाली पीढ़ी के लिए दो-चार और विधायकी की ‘नर्सरी’ तैयार कर दीजिए।

बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। निशाने पर आने के बाद कुशवाहा ने इसका कारण स्पष्ट किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यदि इसे परिवारवाद माना जा रहा है, तो समझना चाहिए कि यह कदम पार्टी के अस्तित्व और भविष्य को बचाने के लिए जरूरी और अपरिहार्य था।

पार्टी के भविष्य के लिए लिया गया आवश्यक कदम

उन्होंने कहा, “मैं सभी कारणों का विस्तार से सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकता, लेकिन आप जानते हैं कि पहले भी पार्टी को विलय जैसा अलोकप्रिय और लगभग आत्मघाती निर्णय लेना पड़ा था। जिस पर बिहार भर में तीखी आलोचना हुई थी। उस समय भी संघर्ष के बाद आप सभी के आशीर्वाद से पार्टी ने सांसद, विधायक बनाए। लोग जीतकर चले गए, झोली खाली की खाली रह गई ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसलिए यह कदम आवश्यक था।”