साइबर ठगी से तौबा: दौलतपुर गांव में कुरान और रामायण की शपथ लेकर अपराध छोड़ने का ऐतिहासिक संकल्प

गोवर्धन तहसील के दौलतपुर गांव में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक और शपथ ग्रहण समारोह।
गोवर्धन तहसील के दौलतपुर गांव में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक और शपथ ग्रहण समारोह।

उत्तर प्रदेश के गोवर्धन तहसील के दौलतपुर गांव से साइबर अपराध के खिलाफ एक असाधारण और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। ‘टटलूबाजी’ के नाम से कुख्यात ऑनलाइन ठगी को जड़ से खत्म करने के लिए, गांव के हिंदू और मुस्लिम समुदायों ने एकजुट होकर पवित्र कुरान और रामायण की शपथ ली है। पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक में यह ऐतिहासिक संकल्प लिया गया कि अब दौलतपुर में किसी भी रूप में साइबर ठगी को पनपने नहीं दिया जाएगा।

यह अनोखी और सख्त बैठक सीओ अनिल कुमार सिंह और थाना प्रभारी भगवत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाक कुरान और हिंदू समुदाय के लोगों ने रामायण को साक्षी मानकर सार्वजनिक रूप से साइबर अपराध छोड़ने की शपथ ली। ग्रामीणों ने दोनों हाथ उठाकर भरोसा दिलाया कि गांव का कोई भी व्यक्ति ठगी जैसे अपराध में शामिल नहीं होगा।

सीओ अनिल कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि साइबर ठगी सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि पूरे गांव और समाज की छवि को कलंकित करती है। उन्होंने दो टूक कहा कि दौलतपुर में अब टटलूबाजी के लिए कोई जगह नहीं है और यदि कोई युवक इसमें पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। थाना प्रभारी भगवत सिंह ने जोर देते हुए कहा कि पुलिस के पास साइबर अपराध से जुड़े पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा अपराध करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा और ऐसे अपराधियों को न तो पुलिस और न ही गांव समाज बचाएगा।

साइबर अपराध के खिलाफ इस सामाजिक आंदोलन को जारी रखने के लिए, बैठक के दौरान ग्राम प्रधान लीली ने गांव स्तर पर एक निगरानी समिति के गठन की घोषणा की। इस समिति में प्रधान लीली, पूर्व प्रधान जाकिर, सुभान प्रधान, रफीक मास्टर, वारिश मास्टर, पातीराम प्रधान और पप्पू जैसे प्रमुख ग्रामीण शामिल हैं। यह समिति युवाओं को अपराध के दुष्परिणामों से अवगत कराएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देगी।

इस पहल का तत्काल प्रभाव देखने को मिला, जब ग्रामीण करीम खान ने अपने वांछित भाई फकरु के बारे में जानकारी दी। कुरान की शपथ का हवाला देते हुए, करीम ने अपने भाई की पुलिस से फोन पर बात कराई। फकरु ने अपराध से दूरी बनाने और अगले आठ दिन के भीतर कोलकाता से लौटकर स्वयं पुलिस के सामने पेश होने का आश्वासन दिया है।

दौलतपुर गांव की यह सामूहिक पहल अब पूरे देश में साइबर ठगी जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता और सामुदायिक संकल्प का एक मजबूत और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत कर रही है।

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