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अजीत पवार को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, उमड़ा जनसैलाब

बारामती में दी गई अंतिम विदाई

महाराष्ट्र की सियासत से लेकर आम जनजीवन तक को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की दुखद मौत हो गई। जहां आज बारामती में नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी गई, वहीं इस हाई-प्रोफाइल क्रैश के पीछे की सच्चाई जानने के लिए नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है।

बुधवार सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर यह दर्दनाक हादसा बारामती एयरस्ट्रिप पर हुआ। एक Learjet 45 विमान रनवे 11 पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी पायलट का नियंत्रण छूट गया। चश्मदीदों के अनुसार, विमान लड़खड़ाया, रनवे से टकराया और अगले ही पल आग के गोले में बदल गया। लगातार पांच जोरदार धमाकों की आवाजें आईं, जिसके बाद विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। विमान में कुल पांच लोग सवार थे जिनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, अनुभवी पायलट सुमित कपूर (15,000 घंटे का उड़ान अनुभव), सह-पायलट शांभवी पाठक (1,500 घंटे का अनुभव), निजी सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव, और विमान परिचारिका पिंकी माली शामिल थे। दुखद रूप से, इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा।

हादसे के तुरंत बाद, नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और लैंडिंग की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में विमान ऑपरेटर VSR Aviation ने बताया कि दोनों पायलट पूरी तरह प्रशिक्षित थे और उड़ान भरने से पहले विमान में किसी भी तरह की तकनीकी खराबी दर्ज नहीं की गई थी। Learjet 45 एक मिड-साइज बिजनेस जेट है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर वीआईपी यात्रा के लिए किया जाता है।

इस बीच, बारामती आज शोक में डूबी रही। अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक स्थान पर भारी भीड़ उमड़ी। अजित पवार की अंतिम यात्रा गदिमा सभागार से शुरू होकर विद्या प्रतिष्ठान मैदान पहुंची। समर्थकों की भारी उपस्थिति, उनकी आंखों में आंसू और दिलों में दर्द साफ देखा जा सकता था, जब हजारों कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने नम आँखों से अपने ‘दादा’ को आखिरी विदाई दी।

महाराष्ट्र ने केवल एक कद्दावर नेता ही नहीं खोया है, बल्कि एक अनुभव, एक आवाज और एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर थम गया है। इस त्रासदी के पीछे के सभी सवालों के जवाब नागरिक उड्डयन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएंगे, जिस पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं।