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पूर्वांचल को नई रफ्तार! जून 2026 तक पूरा होगा 5300 करोड़ का गाजीपुर-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

पूर्वांचल को नई रफ्तार

पूर्वांचल और बिहार के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। गाजीपुर से बिहार के मांझीघाट तक बन रहे महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अफसरों ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसकी प्रगति और नई समय सीमा की जानकारी साझा की है, जिससे करोड़ों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

गाजीपुर के हृदयपुर से शुरू होकर बिहार के सारण जिले में मांझीघाट तक बनने वाला यह 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 134.39 किलोमीटर लंबा है। इस विशाल परियोजना पर लगभग 5300 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। NHAI के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे बलिया, बक्सर और सारण जैसे महत्वपूर्ण जिलों को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके शुरू हो जाने से पूर्वांचल और बिहार के बीच रोड कनेक्टिविटी अभूतपूर्व रूप से मजबूत हो जाएगी।

इस नेशनल हाईवे को 60 मीटर राइट ऑफ वे (ROW) के साथ डिज़ाइन किया गया है और इसमें दो आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) का निर्माण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा काफी कम समय में पूरी हो सकेगी।

एनएचएआई की ओर से मिली अहम जानकारी:

एनएचएआई के अफसरों ने जून 2026 तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से बनकर तैयार होने की उम्मीद जताई है। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया जाएगा। इसमें सीसीटीवी कैमरे, दुर्घटना पहचान प्रणाली, वेरीयेबल मैसेज साइन और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) की व्यवस्था रहेगी।

इस नेशनल हाईवे के बन जाने से पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे इस क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल दो राज्यों के बीच आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता भी रखता है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय निवासियों को मिलेगा।

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