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दिल्ली: 24 घंटे, 6 हत्याएं और एक दर्दनाक मौत; AAP का LG और BJP पर सीधा हमला: ‘यह खौफ की दिल्ली’

24 घंटे, 6 हत्याएं और एक दर्दनाक मौत

देश की राजधानी दिल्ली, जिसे कभी ‘दिलवालों की दिल्ली’ कहा जाता था, वह अब ‘खौफ की दिल्ली’ बनती जा रही है। बीते 24 घंटों में राजधानी की सड़कों पर हुई घटनाओं ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि दिल्ली प्रशासन की संवेदनशीलता को भी कटघरे में ला दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा और उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना को घेरते हुए आरोप लगाया है कि कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है।

दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति इस वक्त बेहद चिंताजनक है। पिछले 24 घंटों में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 6 हत्याओं की खबर ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। कहीं स्कूल से लौट रहे 14 साल के एक मासूम को चाकुओं से गोदा गया, तो कहीं आपसी रंजिश में गोलियां चलीं।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इन घटनाओं के बाद सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “भाजपा ने सिर्फ एक साल के शासन में पूरी दिल्ली का सत्यानाश कर दिया है। इन्हें जनता की जान की रत्ती भर परवाह नहीं है।”

बुनियादी ढांचा बना ‘मौत का जाल’

बात सिर्फ अपराध की नहीं है, दिल्ली का बुनियादी ढांचा भी अब लोगों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ यानी मौत का जाल बन गया है। जनकपुरी इलाके में एक 25 साल के युवक की मौत खुले नाले में गिरने से हो गई। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस पर तीखा प्रहार किया।

सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को घेरते हुए कहा कि वे खुद को ‘नदी-नालों का विशेषज्ञ’ बताते थे, लेकिन आज उनके नियंत्रण वाले विभाग ‘DDA’ और उनके अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय था जब उपराज्यपाल साहब अफसरों की फौज लेकर कमियां निकालने पहुँच जाते थे, लेकिन आज जब MCD, DDA और दिल्ली सरकार पर भी भाजपा का प्रभाव है, तो वे चुप्पी साधे हुए हैं। आज हर गड्ढा और हर खुला नाला सीधे तौर पर भाजपा की जिम्मेदारी है।

दो दिल्ली का मुद्दा और जवाबदेही पर सवाल

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में ‘दो दुनिया’ बसने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आम जनता की दिल्ली है, जहाँ लोग मर रहे हैं और सुरक्षा मांग रहे हैं, और दूसरी ओर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की दिल्ली है, जहाँ केवल उत्सव, रिबन कटिंग और छोले-भटूरे खाए जा रहे हैं। भारद्वाज ने सीधे शब्दों में पूछा कि क्या दिल्ली की सरकार को इन मासूमों की चीखें सुनाई नहीं दे रही हैं?

जब दिल्ली में पुलिस केंद्र सरकार के पास है, प्रशासन उपराज्यपाल के पास है और स्थानीय निकाय भी भाजपा के प्रभाव में हैं, तो फिर इन मौतों की जवाबदेही किसकी है? आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भाजपा की ‘चार इंजन’ वाली सरकार दिल्ली में पूरी तरह फेल हो चुकी है।

बढ़ते अपराध और बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच, दिल्ली की जनता राजनीतिक फुटबॉल बनकर रह गई है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल कार्यालय और भाजपा इन तीखे आरोपों और सवालों का क्या जवाब देते हैं।

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