उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद, मैनपुरी में नकली बोतलबंद पानी का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। हाल ही में एलाऊ थाना क्षेत्र के किशोरपुर चौराहा के पास स्थित एक पानी प्लांट का भंडाफोड़ हुआ है, जहां बड़े पैमाने पर फर्जी ब्रांड नेम के तहत पानी पैक करके बाजार में उतारा जा रहा था। यह मामला न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना है, बल्कि सीधे-सीधे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है।
प्लांट संचालक ‘हिमालया इंडस्ट्रीज’ जैसे फर्जी ब्रांड के नाम पर नकली पानी बेच रहा था, जबकि स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह प्लांट एक ही जगह से कई अलग-अलग नामों से भी बोतलबंद पानी तैयार कर रहा था। गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर यह अवैध धंधा तेजी से फल-फूल रहा है।
नकली पानी बनाने की प्रक्रिया बेहद खतरनाक और घटिया थी। मानक शुद्धिकरण प्रक्रियाओं का पालन किए बिना, सामान्य समर के पानी को सीधे बोतलों में भरा जा रहा था। इन बोतलों पर आकर्षक लेबल लगाकर इन्हें ब्रांडेड मिनरल वाटर के रूप में बेचा जा रहा था, जिससे आम लोगों को धोखा दिया जा रहा है और उनकी सेहत जोखिम में पड़ रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय लोगों ने इस अवैध कारोबार को खाद्य विभाग की कथित मिलीभगत से संचालित होने का आरोप लगाया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले में राहुल नामक एक व्यक्ति, जिसे नकली पानी का कारीगर बताया जा रहा है, का बयान भी सामने आया है।
जिला प्रशासन को अब इस गंभीर मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी होगी, ताकि आम जनता को नकली पानी के इस खतरनाक जाल से जल्द से जल्द राहत मिल सके और स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लग सके।









