वाराणसी में होली के पर्व पर आस्था और भक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। Shri Kashi Vishwanath Temple में संध्या आरती के दौरान बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया और गुलाल अर्पित कर रंगाभिषेक किया गया। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और भक्त भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए।
होली के अवसर पर संध्या आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा का पूजन-अर्चन किया और परंपरा के अनुसार गुलाल अर्पित कर विशेष अभिषेक किया गया। आरती के दौरान मंदिर परिसर में गुलाल की हल्की फुहार के साथ श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।
श्रद्धालुओं का कहना था कि काशी में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी उत्सव है। बाबा दरबार में होली के दिन का विशेष महत्व माना जाता है, जहां भक्त रंगों के माध्यम से अपनी आस्था अर्पित करते हैं।
मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। होली के मद्देनजर दर्शन व्यवस्था सुचारु रखी गई ताकि दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। काशी में होली का पर्व धार्मिक परंपराओं और उत्साह के साथ मनाया गया, जहां रंग और भक्ति का अनूठा संगम पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहा।









