धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान अमेरिका और देश के मौजूदा मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सत्ताधीश का रवैया भरोसेमंद नहीं है, क्योंकि वह सुबह कुछ और बोलता है और शाम को कुछ और।
मीडिया द्वारा विपक्ष के उस सवाल पर, जिसमें अमेरिका द्वारा भारत को ब्लैकमेल करने की बात कही गई थी, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अमेरिका का नेतृत्व इस समय विचलित नजर आता है। ऐसे में उस पर भरोसा करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को इस समय यह सोचना चाहिए कि देशहित में क्या करना जरूरी है, न कि यह कि क्या-क्या नहीं करना है।
इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के गौ-रक्षा अभियान पर भी उन्होंने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि जो लोग गंगा, गौ-रक्षा, गीता और गोपाल की बात करते हैं, वे उनके सेवक और समर्थक हैं।
वहीं विश्वविद्यालयों से जुड़े विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर पुनर्विचार होना चाहिए। उनका मानना है कि देश में किसी भी तरह की खाई या दीवार नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी को एकता के धागे में बंधकर भारत को दिव्य और भव्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।







