बहराइच जिले के शिवपुरा गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजकीय नलकूप की बाउंड्रीवॉल का पिलर अचानक गिरने से उसके नीचे दबकर एक मासूम बालक की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं बालक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत लालपुर शिवपुर के मजरा शिवपुरा में राजकीय नलकूप का निर्माण कराया गया है। परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनाई गई है, जिसे पिलरों के सहारे खड़ा किया गया है।
बताया जा रहा है कि रविवार शाम करीब छह बजे गांव निवासी 10 वर्षीय रज्जब उर्फ सल्लू अपने साथी 7 वर्षीय फुरकान के साथ वहां खेल रहा था। खेलते समय दोनों बच्चों ने बाउंड्रीवॉल के एक पिलर को पकड़ लिया। तभी अचानक पिलर भरभराकर दोनों बच्चों के ऊपर गिर पड़ा।
इस हादसे में पिलर के नीचे दबकर रज्जब की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि फुरकान घायल हो गया। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत परिजनों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई।
सूचना पर थानाध्यक्ष हरिकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिलर के नीचे दबने से एक बालक की मौत हो गई है, जबकि दूसरा घायल हुआ है। घायल बच्चे को परिजन जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए हैं।
वहीं गांव के लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पिलर को मजबूत तरीके से नहीं बनाया गया था। ग्रामीणों के अनुसार मोटे पिलर को सिर्फ एक सरिया के सहारे खड़ा कर दिया गया था, जिसके कारण हल्का झटका लगते ही वह गिर गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी वजह से एक मासूम की जान चली गई।
उधर अधिशाषी अभियंता सलिल कुमार ने बताया कि नलकूप खंड नानपारा की ओर से करीब तीन लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया था। उनका कहना है कि पिलर का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार ही कराया गया है









