Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

ईरान-इजराइल युद्ध की आहट से वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूचाल: कच्चा तेल $100 के पार, शेयर बाजारों में हाहाकार

ईरान-इजराइल युद्ध की आहट से वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूचाल

मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान से जुड़ी युद्ध की आशंकाओं ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। हालिया घटनाक्रमों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता चरम पर है, जिससे न केवल कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, बल्कि वैश्विक शेयर बाजारों में भी निवेशकों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका पैदा हो गई है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए 101.59 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। ऊर्जा बाजार में आई इस हलचल ने दुनिया भर के विकासशील देशों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कच्चे तेल का महंगा होना सीधे तौर पर महंगाई को निमंत्रण देता है।

अमेरिकी बाजारों में भी इस तनाव का सीधा और नकारात्मक असर देखने को मिला है। निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक S&P 500 में लगभग 1.5 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में करीब 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं तकनीकी कंपनियों पर आधारित NASDAQ Composite भी दबाव में रहा और इसमें 1.8 प्रतिशत की कमी देखी गई। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है।

आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ तेल कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में हो रही बढ़ोतरी संकेत दे रही है कि महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे Federal Reserve के लिए आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल वैश्विक व्यापार और निवेश का माहौल पूरी तरह से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर हो गया है।

आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व की स्थिति और तेल की कीमतें ही वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगी, फिलहाल निवेशकों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।

संबंधित खबरें