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वाराणसी में ‘गोमती जीवन यात्रा’ का भव्य समापन: गंगा-गोमती संगम तट पर लिया गया नदी संरक्षण का संकल्प

वाराणसी में गंगा-गोमती संगम पर गोमती जीवन यात्रा के समापन के दौरान पूजा-अर्चना करते लोग

नदियों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को समर्पित ‘गोमती जीवन यात्रा’ का शुक्रवार को वाराणसी में भव्य समापन हुआ। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पीलीभीत से शुरू हुई यह यात्रा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंची, जहाँ लोगों ने गोमती नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।

करीब एक महीने तक चली यह जागरूकता यात्रा गोमती के उद्गम स्थल पीलीभीत से शुरू हुई थी। वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित मार्कण्डेय महादेव धाम के समीप गंगा-गोमती संगम तट पर यात्रा का समापन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। यात्रा के नेतृत्वकर्ता सतरुद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में कलश में लाए गए गोमती जल का पूजन किया गया और उसे संगम की मध्य धारा में समर्पित किया गया। इस पूरी यात्रा के दौरान विभिन्न जनपदों में जनसंवाद और संकल्प सभाएं आयोजित की गईं, जिससे युवाओं और सामाजिक संगठनों को इस मुहिम से जोड़ा गया।

वाराणसी में इस समापन कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर संजय गुप्ता ने कहा कि गोमती नदी हमारी संस्कृति और जीवन का अभिन्न अंग है, और इसका संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सैकड़ों की संख्या में मौजूद युवाओं और कार्यकर्ताओं ने नदी स्वच्छता के लिए भविष्य में भी निरंतर अभियान चलाने की शपथ ली। यात्रा के मार्ग में आने वाले हर पड़ाव पर स्थानीय लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो नदी पुनर्जीवन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

गोमती जीवन यात्रा का यह समापन केवल एक औपचारिक अंत नहीं है, बल्कि यह गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की एक नई शुरुआत का संदेश देता है।