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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की एयर स्ट्राइक, तालिबान बोला—अब नहीं होगी बातचीत, लिया जाएगा बदला

इस समय दुनिया युद्ध के स्तर पर खड़ी हुई है पिछले चार साल से रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है और अब बीते 17-18 दिनों से ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच भी जंग जारी है और अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी तनाव रोज बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान ने सोमवार को देर रात अफगानिस्तान के काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया है इन हमलों में 400 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 250 से ज्यादा लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान के इन हमलों पर तालिबान ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अब बातचीत और कूटनीति का समय खत्म हो चुका है और वे पाकिस्तान से बदला लेने की बात कर रहे हैं।

तालिबान का सख्त बयान
वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने पुष्टि की कि काबुल में कई ठिकानों पर हमले हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब शांति वार्ता का रास्ता बंद हो चुका है और जवाबी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अफगानिस्तानी क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने की ताज़ा रिपोर्टों से मुझे गहरा दुख हुआ है। आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना एक युद्ध अपराध है। इंसानी जानों के प्रति इस तरह की शदीद गफलत, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है, इससे केवल फूट और नफ़रत ही बढ़ेगी।”

पाक पीएम ने आरोपों को किया खारिज
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने प्रवक्ता मुशर्रफ़ ज़ैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि काबुल में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया। सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में सैन्य ठिकानों और आतंकवादियों को मदद देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को सटीक रूप से निशाना बनाया गया, जिसमें अफ़ग़ान तालिबान के तकनीकी उपकरणों और गोला-बारूद के गोदाम शामिल हैं. इसके साथ ही काबुल और नंगरहार में मौजूद अफ़ग़ानिस्तान स्थित पाकिस्तानी लड़ाकों को भी निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने आगे कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल बेकसूर पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा था।