वाराणसी में गंगा नदी पर नाव में इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि कुछ युवक नाव पर सवार होकर इफ्तार पार्टी कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने नॉनवेज भोजन (बिरयानी आदि) किया और उसके अवशेष, जैसे हड्डियां, गंगा नदी में फेंक दीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
शिकायत किसने की?
इस मामले में Bharatiya Janata Yuva Morcha के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है, ऐसे में इस तरह का कृत्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
- धारा 298, 299 – धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़ी धाराएं
- धारा 196(1)(b) – आपत्तिजनक कृत्य/सामग्री
- धारा 270, 279 – सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान
- धारा 223(b) – आदेशों का उल्लंघन
- इसके अलावा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 24 भी लगाई गई है, जो नदी में प्रदूषण फैलाने से संबंधित है
नाव चालक पर भी कार्रवाई
पुलिस ने सिर्फ पार्टी करने वालों पर ही नहीं, बल्कि नाव चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। आरोप है कि उसने बिना जांच-पड़ताल के इस गतिविधि की अनुमति दी।
आगे क्या हो सकता है?
- गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है
- वीडियो की सत्यता और समय-स्थान की पुष्टि की जा रही है
- अगर आरोप साबित होते हैं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है
- नाव चालक का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है
प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने साफ किया है कि धार्मिक स्थलों और नदियों की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक गतिविधि न करें और कानून का पालन करें।









