आज देश में ईद मनाई जा रही है लेकिन कान्हा की नगरी मथुरा में ईद के दिन ही बवाल हो गया। मथुरा के फरसा वाले बाबा नाम से मशहूर चंद्रशेखर की मौत के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। आरोप है कि गौ-तस्करों ने उन्हें वाहन से कुचलकर हत्या कर दी, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। वहीं, इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में संज्ञान लिया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गौ तस्करी रोकने पहुंचे थे बाबा, तेज रफ्तार कंटेनर ने कुचलकर ली जान
मथुरा में ब्रज क्षेत्र के विख्यात गौ रक्षक संत चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की शनिवार तड़के मौत से हड़कप मचा घटना कोटवन चौकी क्षेत्र के गांव नवीपुर के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बाबा को तड़के करीब 4 बजे गौ तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे एक कंटेनर को रोकने के लिए मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से एक युवक को हिरासत में लिया है, जबकि इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
कौन थे फरसा वाले बाबा?
मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे। वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे। गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे। और वे प्रखर गौरक्षक और संत के रूप में जाने जाते थे। मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे। वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी।









