प्रयागराज शहर में इस बार ईद-उल-फित्र का त्योहार सादगी और संवेदना के साथ मनाया गया। कई लोगों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर ईरान में हुई घटनाओं पर शोक व्यक्त किया और अमन-चैन की दुआ की।
मस्जिदों में अदा हुई नमाज
बख्शी बाजार स्थित मस्जिद काजी साहब में मौलाना सैय्यद जव्वादुल हैदर रिजवी की इमामत में ईद की नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान मुल्क की तरक्की, शांति और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं।
शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों जैसे शिया जामा मस्जिद (चक जीरो रोड), मस्जिद बीबी खदीजा (करैली), मस्जिद ए मोहम्मदी, मौला अली दरियाबाद और रानीमंडी में भी बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। चौक जामा मस्जिद में अधिक भीड़ के चलते दो चरणों में नमाज कराई गई।
फितरा देने की अपील
खुत्बे के दौरान मौलाना जव्वादुल हैदर रिजवी ने ईद-उल-फित्र की अहमियत बताते हुए लोगों से अपील की कि वे फितरे की रकम जरूरतमंदों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति ईद के दिन मायूस न रहे।
गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
ईदगाह, अटाला बड़ी मस्जिद, शाह वसी उल्लाह मस्जिद, अबु बकर मस्जिद करैली और सिविल लाइंस की मस्जिदों सहित पूरे शहर में नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रयागराज की गंगा-जमुनी तहजीब एक बार फिर नजर आई, जहां सौहार्द और भाईचारे का वातावरण बना रहा।
संवेदना और सादगी के साथ मनाई ईद
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कई लोगों ने सादगी से त्योहार मनाया। नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन-चैन, बीमारों की सेहत और दिवंगत लोगों की मगफिरत के लिए दुआ की, साथ ही अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर अपनी संवेदना भी व्यक्त की।









