गोरखपुर में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान एक दिलचस्प और भावुक ट्रेंड सामने आया है। कई छात्रों ने उत्तर लिखने के बजाय परीक्षकों से सीधे पास कराने की अपील की है, जिसे देखकर एग्जामिनर भी हैरान हैं।
कॉपियों में लिखे भावुक संदेश
मूल्यांकन में जुटे शिक्षकों के मुताबिक, कई छात्रों ने अपनी कॉपियों में लिखा— “सर, पास कर दीजिए, नहीं तो साल बर्बाद हो जाएगा” और “मेरा भविष्य आपके हाथ में है।” कुछ छात्रों ने पारिवारिक समस्याओं का हवाला देते हुए सहानुभूति की अपील भी की है।
नियमों से बंधा मूल्यांकन
परीक्षकों ने साफ किया कि बोर्ड के नियमों के अनुसार केवल लिखे गए उत्तरों के आधार पर ही अंक दिए जाते हैं। इस तरह के भावनात्मक संदेशों का मूल्यांकन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता।
दबाव और तैयारी की कमी उजागर
शिक्षकों का मानना है कि इस तरह की अपीलें छात्रों में बढ़ते परीक्षा तनाव और अधूरी तैयारी को दर्शाती हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने छात्रों से मेहनत पर भरोसा करने और ईमानदारी से पढ़ाई करने की सलाह दी है।
तीसरे दिन 64 हजार से ज्यादा कॉपियां जांची गईं
मूल्यांकन के तीसरे दिन 64,671 कॉपियों की जांच की गई, जिसमें हाईस्कूल की 41,097 और इंटर की 23,574 कॉपियां शामिल हैं। कुल 3,763 परीक्षकों में से 2,403 परीक्षक उपस्थित रहे।
सख्त निगरानी में मूल्यांकन
सभी केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात हैं। अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
ईद और रामनवमी पर अवकाश
ईद के अवसर पर मूल्यांकन कार्य स्थगित रहेगा। साथ ही 26 मार्च को रामनवमी के दिन भी कॉपियों की जांच नहीं की जाएगी। बोर्ड ने 1 अप्रैल तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।









