मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अंतिम विदाई लखनऊ के बैकुंठ धाम में पूरी हो चुकी है। अंतिम यात्रा का कार्य सुबह 11 बजे शुरू हुआ था, और प्रतीक यादव को पंचतत्व में विलीन किया गया। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान शव वाहन घर से बाहर निकला, और सैकड़ों नम आंखों से उनके अंतिम सफर को देखा गया। बैकुंठ धाम में उनकी चिता सजाई गई थी और सफाई का काम भी पूरा कर लिया गया था।
प्रतीक यादव की मौत के बाद उनके परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है, और अखिलेश यादव के लिए यह पल बेहद कठिन था क्योंकि उन्होंने अपना छोटा भाई खो दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित की थी, और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर, बेबी रानी मौर्य जैसे नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। सपा और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता भारी संख्या में परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि प्रतीक की मौत ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ की वजह से हुई। इसका मतलब था कि उनके शरीर में खून का बड़ा थक्का बन गया था, जो फेफड़ों तक पहुंचा और फिर दिल ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने उनके शरीर पर कुछ चोट के निशान और नीले पड़े नाखून भी देखे थे। प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से हाई ब्लड प्रेशर और नसों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे, और तीन हफ्ते पहले भी उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई थी, लेकिन तब इस पर ध्यान नहीं दिया गया था।
अखिलेश यादव ने भावुक होते हुए याद किया कि कैसे उन्होंने दो महीने पहले प्रतीक से मुलाकात की थी और उन्हें अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी थी। प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर बहुत संजीदा थे, लेकिन अपनी बीमारियों का अंदाजा शायद उन्हें भी नहीं था।
अब प्रतीक यादव का अंतिम सफर संपन्न हो चुका है, और अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया के जरिए शांति और गरिमा बनाए रखने की अपील की है ताकि उनका अंतिम सफर सम्मान के साथ पूरा हो सके।
