अगर आपके अंदर भी है हार्ट अटैक का डर, तो बचाव के लिए अपनाए ये 8 नियम

New Delhi : कोविड महामारी के पश्चात आए दिन हृदयाघात (Heart Attack) की ख़बरें सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के मन में इस गंभीर स्वास्थ्य खतरे का भय बना रहता है। हृदयाघात, जिसे मायोकार्डियल इंफार्क्शन भी कहते हैं, हृदय से जुड़ी एक अत्यंत गंभीर समस्या है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब हृदय को रक्त की आपूर्ति अचानक कम हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय की मांसपेशियों को क्षति पहुँचती है। यह प्रायः कोरोनरी धमनी (Coronary Artery) में रुकावट के कारण होता है। तथापि, यदि सही जीवनशैली अपनाई जाए, तो हृदयाघात के जोखिम को कम किया जा सकता है।

1. संतुलित और स्वस्थ आहार अपनाएँ

  • अपने भोजन में ताज़े फल और सब्ज़ियों को शामिल करें।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड से प्रचुर मछली और मेवों (Nuts) का सेवन करें।
  • अधिक तेल, घी और तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज़ करें।
  • प्रसंस्कृत (Processed) और जंक फूड का उपभोग कम करें।
  • नमक और चीनी की मात्रा को नियंत्रित रखें।

2. नियमित रूप से शारीरिक श्रम (व्यायाम) करें

  • प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक हल्की या मध्यम तीव्रता वाली कसरत करें।
  • दौड़ना, तैराकी, साइक्लिंग अथवा योग जैसी गतिविधियाँ हृदय के लिए लाभकारी हैं।
  • व्यायाम से वज़न नियंत्रण में रहता है और हृदय स्वस्थ बना रहता है।

3. धूम्रपान और मदिरापान से परहेज़

धूम्रपान हृदय रोग के लिए सबसे बड़ा जोखिम कारक है। मदिरा का सेवन सीमित मात्रा में करें या उसे पूरी तरह से त्याग दें।

4. मानसिक तनाव कम करें

मानसिक तनाव, चिंता और अत्यधिक क्रोध हृदय पर दबाव बढ़ाते हैं। ध्यान (Meditation), प्राणायाम, योग और संगीत सुनने जैसी तकनीकों से तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है।

5. समय पर स्वास्थ्य जाँच कराएँ

ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का समय-समय पर परीक्षण कराएँ। उच्च रक्तचाप, मधुमेह (Diabetes) और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर हृदयाघात के प्रमुख कारण हैं।

6. पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लें

प्रतिदिन 7–8 घंटे की गहरी और गुणवत्ता वाली नींद आवश्यक है। नींद की कमी से हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।

7. स्वस्थ वज़न बनाए रखें

मोटापा हृदय पर अतिरिक्त भार डालता है। स्वस्थ वज़न बनाए रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम पर ध्यान देना ज़रूरी है।

8. इन संभावित लक्षणों को अनदेखा न करें :-

  • छाती में भारीपन या असहज दर्द
  • बाएँ हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द का प्रसार
  • साँस लेने में अत्यधिक कठिनाई
  • जी मिचलाना (मतली) या अत्यधिक पसीना आना
  • असामान्य और अचानक थकान

यदि ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

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