टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने अपनी घोषणाओं से क्रिकेट और राजनीति दोनों गलियारों में हलचल मचा दी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने जहां एक अनुभवी हिंदू क्रिकेटर को टीम की कमान सौंपी है, वहीं दूसरी तरफ भारत में होने वाले मैचों के वेन्यू को बदलने की मांग करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे खेल अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रह गया है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास को सौंपी गई है। 1994 में दिनाजपुर में जन्मे लिटन दास बांग्लादेश के सफलतम बल्लेबाजों में से एक हैं और तीनों फॉर्मेट (टी20, वनडे और टेस्ट) में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उनकी नियुक्ति इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए टीम को स्थिरता प्रदान कर सकती है, लेकिन एक हिंदू क्रिकेटर को ऐसे संवेदनशील समय में कप्तान बनाना, जब खेल और धर्म पर चर्चा तेज है, ध्यान का केंद्र बन गया है।
यह फैसला तब आया जब बांग्लादेश के स्टार तेज गेंदबाज मुस्तफिज़ुर रहमान को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के निर्देश पर आईपीएल 2026 से रिलीज़ कर दिया गया था, जिसने पहले से बने तनाव को और बढ़ा दिया। इसी कड़ी में, बांग्लादेश ने आईसीसी से भी एक बड़ा अनुरोध किया है। BCB ने सुरक्षा और राजनीतिक माहौल का हवाला देते हुए मांग की है कि वर्ल्ड कप में उनके मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराए जाएं। यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट अब केवल खेल नहीं रहे, बल्कि मेजबानी और राजनीति से गहरे रूप से जुड़ गए हैं, खासकर जब भारत और श्रीलंका सह-मेजबान हैं।
इन विवादों के बावजूद, टीम अपनी क्रिकेट रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रही है। टीम में मुस्तफिज़ुर रहमान और तेज गेंदबाजी विभाग को मजबूत रखा गया है। बांग्लादेश को ग्रुप C में वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड, इटली और नेपाल के खिलाफ खेलना है। टीम प्रबंधन उम्मीद कर रहा है कि इन विवादों का असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नहीं पड़ेगा और वे ग्रुप स्टेज में शानदार शुरुआत करेंगे।
अब देखना यह होगा कि बांग्लादेश की टीम इन बाहरी विवादों को दरकिनार कर शांति से वर्ल्ड कप खेलेगी, या फिर खेल से आगे निकल चुकी यह राजनीति उनके अभियान पर भारी पड़ेगी।









