Akhilesh Yadav vs Brajesh Pathak : उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर **गरमा गई है**। समाजवादी पार्टी (**सपा**) के अध्यक्ष **अखिलेश यादव** और उपमुख्यमंत्री **ब्रजेश पाठक** आमने-सामने नज़र आ रहे हैं। दरअसल, अखिलेश यादव ने हाल ही में बयान दिया था कि अगर सपा की सरकार बनी तो **आज़म ख़ान** के ख़िलाफ़ दर्ज सभी **‘झूठे’ मुक़दमे वापस** ले लिए जाएँगे। इस बयान पर यूपी के डिप्टी सीएम **ब्रजेश पाठक** ने **कड़ा पलटवार** किया है।
सपा पर गंभीर आरोप
ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा **गुंडों और बदमाशों को बढ़ावा** दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि **2012** में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे तो उनकी सरकार का पहला एजेंडा **अयोध्या और वाराणसी में बम धमाकों के आरोपियों पर दर्ज केस वापस लेना** था। पाठक ने साफ़ कहा कि मौजूदा सरकार **क़ानून-व्यवस्था** को बनाए रखने के लिए पूरी तरह **प्रतिबद्ध** है और **कोर्ट के फ़ैसलों का सम्मान** करती है।
अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पोस्ट
आज़म ख़ान की रिहाई पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **एक्स** पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह उनके परिवार और **न्याय में विश्वास** रखने वालों के लिए **बड़ी राहत** की बात है। अखिलेश ने **तंज** कसते हुए लिखा कि झूठे मुक़दमे करने वालों को यह **सबक़** मिल गया है कि **हर झूठ की एक मियाद होती है और हर साज़िश की भी**।
जीएसटी और विकास परियोजनाएं
ब्रजेश पाठक ने **जीएसटी** को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** ने देशवासियों को **नवरात्रि और दशहरे पर बड़ा तोहफ़ा** दिया है। जीएसटी सुधार से **व्यापारी और आम लोग** सभी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी **498 करोड़ रुपये की परियोजनाओं** का उद्घाटन और शिलान्यास किया है।
यूपी की सियासत में अखिलेश और पाठक की यह **ज़ुबानी जंग** आने वाले चुनावी माहौल को और भी गर्म करने वाली है। जहाँ एक ओर सपा ख़ुद को **न्याय और सामाजिक सौहार्द** का प्रतीक बताती है, वहीं भाजपा सरकार **क़ानून के राज और विकास योजनाओं** पर ज़ोर दे रही है।
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