BRICS Summit 2026: भारत में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS Summit का आयोजन होना है। इससे पहले शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम का आयोजन हुआ, जिसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में BRICS की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत का धन्यवाद किया।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक
BRICS Summit से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली पहुंचे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में रक्षा, ऊर्जा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की। पुतिन की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच लगातार जारी उच्चस्तरीय संपर्कों के बीच हुई है। इससे पहले पिछले सप्ताह बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी हुई थी चर्चा
बिश्केक में हुई पिछली मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि दुनिया को लगातार चलते रहने वाले युद्ध से निकलकर युद्ध के अंत की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। पुतिन की भारत यात्रा से पहले रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी कहा था कि दोनों नेता भारत-रूस संबंधों और दुनिया के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि पुतिन प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन संघर्ष की मौजूदा स्थिति की जानकारी देंगे।
रक्षा सहयोग पर भी फोकस
बैठक के एजेंडे में रक्षा सहयोग को प्रमुख विषयों में शामिल बताया गया। दोनों नेताओं के बीच चल रही और भविष्य में प्रस्तावित रक्षा परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा की संभावना थी।
BRICS बिजनेस फोरम में क्या बोले ईरान के राष्ट्रपति?
BRICS बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि दुनिया मौजूदा समय में बेहद जटिल दौर से गुजर रही है। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाई चेन में व्यवधान और आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल को वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियों के रूप में बताया।
पेजेश्कियान ने कहा कि BRICS की ताकत केवल सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार में नहीं है, बल्कि व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के नेटवर्क में इन क्षमताओं को बदलने में है। उन्होंने संभावित सहयोग को व्यावहारिक सहयोग में बदलने की जरूरत पर जोर दिया।
12 और 13 सितंबर को होगा मुख्य BRICS शिखर सम्मेलन
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। इससे पहले ही राजधानी में BRICS से जुड़े कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की बैठक को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि बिजनेस फोरम में वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई।