राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एड-डी-कैंप (ADC) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने रिटायरमेंट लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। उनके रिटायरमेंट को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं, जिसके बाद उन्होंने खुद सामने आकर इसकी वजह बताई।
राष्ट्रपति के ADC के तौर पर निभाई अहम जिम्मेदारी
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इस पद पर रहते हुए उन्हें राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों और विभिन्न जिम्मेदारियों में शामिल होने का अवसर मिला। उनसे जुड़े एक वीडियो अपडेट में उनके रिटायरमेंट और इसके पीछे की वजह पर चर्चा की गई है। रिटायरमेंट के बाद मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने खुद सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के रूप में जिम्मेदारी निभाने के दौरान उन्हें किस तरह के व्यक्तिगत त्याग करने पड़े। उनकी कहानी में सैन्य सेवा के साथ निजी जीवन से जुड़े फैसलों और जिम्मेदारियों का पहलू भी सामने आता है।
सबसे बड़े त्याग की चर्चा
मेजर सांब्याल से जुड़े इस खुलासे का सबसे खास पहलू उनके उस त्याग से जुड़ा है, जिसे उन्होंने अपनी सेवा के दौरान सबसे बड़ा बलिदान बताया। राष्ट्रपति के ADC जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी के बीच निजी जीवन से जुड़े फैसले लेना उनके लिए आसान नहीं रहा।उनकी बात से यह भी सामने आता है कि सेना में जिम्मेदारी निभाने के लिए अधिकारियों को कई बार व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और इच्छाओं को पीछे रखना पड़ता है।
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह राष्ट्रपति के ADC जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद खुद सामने आकर वजह बताने से उनके फैसले को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
उनकी कहानी सैन्य सेवा के दौरान अधिकारियों के सामने आने वाली व्यक्तिगत चुनौतियों और त्याग को भी सामने रखती है।