भारत भाग्य विधाता शो का प्रोमो बैनर, जिसमें शो के एंकर Vivek Pathak की तस्वीर दिखाई गई है। इसका प्रसारण सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे Bharat Update पर होता है।

Packaged Food Warning Label: SC ने FSSAI से पूछे 13 सवाल, कहा- जल्द लागू हो वॉर्निंग लेबल का नियम

पैक्ड फूड में ज्यादा चीनी, नमक और फैट की जानकारी उपभोक्ताओं को देने में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
Packaged Food Warning Label
Packaged Food Warning Label

पैक्ड फूड में ज्यादा चीनी, नमक और फैट की जानकारी उपभोक्ताओं को देने में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से इस मामले में कई सवाल पूछे हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि बच्चों और आम लोगों का स्वास्थ्य राष्ट्रीय हित का महत्वपूर्ण विषय है।

मामला FOPL यानी फ्रंट ऑफ पैकेट वार्निंग लेबल से जुड़ा है। इसके तहत खाने-पीने की चीजों के पैकेट पर ज्यादा चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को स्पष्ट चेतावनी देने का प्रस्ताव है। ‘3S एंड आवर हेल्थ सोसाइटी’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था को लागू करने में हो रही देरी और ढीले रुख पर नाराजगी जताई।

FSSAI ने लाल रंग के चेतावनी निशान का दिया प्रस्ताव

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद FSSAI ने पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स पर लाल रंग का 6 कोण वाला (Hexagonal) वॉर्निंग निशान लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह चेतावनी उन खाद्य पदार्थों पर लगाए जाने की बात कही गई है, जिनमें चीनी, सैचुरेटेड फैट या नमक की मात्रा तय मानकों से अधिक होगी।

FSSAI ने इस व्यवस्था को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सवाल उठाते हुए नियम को एक ही चरण में लागू करने पर विचार करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से पूछे 13 सवाल

मामले में स्पष्टता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से कुल 13 सवाल पूछे हैं। इन सवालों के जवाब के लिए 28 सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल लगाने का नियम कब तक लागू किया जाएगा। साथ ही बच्चों को जंक फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने को लेकर भी सवाल किया गया है।

‘हाई शुगर’, ‘हाई साल्ट’ और ‘हाई फैट’ का आधार क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि किसी खाद्य उत्पाद को ‘हाई शुगर’, ‘हाई साल्ट’ या ‘हाई फैट’ मानने के पीछे वैज्ञानिक आधार क्या है। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि अगर किसी उत्पाद में सिर्फ चीनी या नमक में से किसी एक की मात्रा ज्यादा है, तो उसे चेतावनी लेबल से छूट क्यों दी जानी चाहिए। इसके अलावा तय की गई सीमाएं ICMR-NIN की 2024 गाइडलाइंस से कितनी मेल खाती हैं, यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है।

100 ग्राम या सर्विंग साइज से तय होगी सीमा?

कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि खाद्य पदार्थों में चीनी, नमक और फैट की सीमा का आकलन किस आधार पर किया जाएगा। क्या इसे 100 ग्राम या 100 मिलीलीटर के आधार पर तय किया जाएगा या फिर किसी उत्पाद की सर्विंग साइज को आधार बनाया जाएगा। साथ ही कुल चीनी और फैट के बजाय ‘ऐडेड शुगर’ या ‘ऐडेड फैट’ को आधार बनाने के औचित्य पर भी FSSAI से जवाब मांगा गया है।

लाल रंग के इस्तेमाल पर भी सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी लेबल में लाल रंग के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल किया है। कोर्ट ने कहा कि भारत में लाल रंग का इस्तेमाल मांसाहारी भोजन की पहचान के लिए भी किया जाता है। ऐसे में खाद्य उत्पादों पर चेतावनी के लिए लाल रंग इस्तेमाल करने से किसी तरह का भ्रम पैदा होगा या नहीं, इस पर भी स्पष्टता मांगी गई है।

दो चरणों में नियम लागू करने की जरूरत क्यों?

कोर्ट ने FSSAI के दो चरणों में नियम लागू करने के प्रस्ताव पर भी सवाल किया है। पूछा गया है कि उद्योग को समय देने के लिए नियम को दो चरणों में लागू करने की जरूरत क्यों है। कोर्ट ने इस व्यवस्था को एक ही चरण में लागू करने की संभावना पर विचार करने को कहा है। इसके साथ ही अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की पहचान के लिए स्पष्ट नियमों और शहद, घी, तेल और गुड़ जैसे इकलौती सामग्री वाले उत्पादों को छूट देने के आधार पर भी जवाब मांगा गया है।

नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर क्या कार्रवाई होगी?

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा है कि चेतावनी लेबल से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ FSSAI की ओर से क्या कार्रवाई और सजा का प्रावधान होगा। इसके अलावा भारत में इस तरह के चेतावनी लेबल लागू करने में अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में देरी क्यों हो रही है, इस पर भी FSSAI से जवाब मांगा गया है। अब FSSAI को सुप्रीम कोर्ट के 13 सवालों का जवाब 28 सितंबर 2026 को देना है। इसके बाद इस मामले में पैक्ड फूड पर चेतावनी लेबल लागू करने की प्रक्रिया को लेकर आगे की तस्वीर साफ हो सकती है।

संबंधित खबरें

7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, चीन बोला- अच्छे पड़ोसी और साझेदार की तरह आगे बढ़ें दोनों देश

Packaged Food Warning Label: SC ने FSSAI से पूछे 13 सवाल, कहा- जल्द लागू हो वॉर्निंग लेबल का नियम

राष्ट्रपति मुर्मू के ADC रहे मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने लिया रिटायरमेंट, बताया सबसे बड़ा त्याग

BRICS Summit 2026: दिल्ली में BRICS समिट का आगाज, पीएम मोदी-पुतिन के बीच 40 मिनट चली बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट गहराया, 26 जिले प्रभावित, गंगा-यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब

Recommended Stories

7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, चीन बोला- अच्छे पड़ोसी और साझेदार की तरह आगे बढ़ें दोनों देश

Packaged Food Warning Label: SC ने FSSAI से पूछे 13 सवाल, कहा- जल्द लागू हो वॉर्निंग लेबल का नियम

राष्ट्रपति मुर्मू के ADC रहे मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने लिया रिटायरमेंट, बताया सबसे बड़ा त्याग

BRICS Summit 2026: दिल्ली में BRICS समिट का आगाज, पीएम मोदी-पुतिन के बीच 40 मिनट चली बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट गहराया, 26 जिले प्रभावित, गंगा-यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब